रायपुर : CG Breaking News : आज छत्तीसगढ़ के रायपुर, दुर्ग और भिलाई में EOW (इकोनॉमिक ऑफेंस विंग) ने व्यापक दबिश दी, जो सरकारी आपूर्ति में अनियमितताओं की जांच से जुड़ी है। EOW की टीम ने गवर्नमेंट सप्लायर मोक्षित कारपोरेशन के दफ्तर और उस से जुड़े प्रमुख व्यक्तियों के ठिकानों पर कार्रवाई की।
CG Breaking News : दबिश का मुख्य केंद्र रायपुर के पुलगांव चौक स्थित मोक्षित कारपोरेशन का दफ्तर था, जहां टीम ने दस्तावेजों और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों की छानबीन की।
इसके अलावा, EOW ने दुर्ग कोर्ट के पीछे स्थित खंडेलवाल कॉलोनी में सिद्धार्थ चौपड़ा और उनके तीनों भाइयों के घरों पर भी दबिश दी। ये सभी घर सरकारी आपूर्ति से जुड़े कामकाज में कथित रूप से शामिल थे।
सिद्धार्थ चौपड़ा और उनके परिवार पर आरोप है कि वे छत्तीसगढ़ मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन (CGMSC) के तहत की जाने वाली आपूर्ति में अनियमितताएं कर रहे थे।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, EOW ने दबिश के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लेखा जोखा और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए हैं, जिनका गहन विश्लेषण किया जाएगा।
यह कदम तब उठाया गया जब EOW को जानकारी मिली कि इन व्यक्तियों और उनके परिवार के सदस्य CGMSC में सप्लाई के कार्यों में कथित तौर पर धोखाधड़ी कर रहे थे, जिससे सरकारी धन की हानि हो रही थी।
EOW अधिकारियों ने बताया कि इस छापेमारी के दौरान कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य भी मिले हैं, जिनसे इस मामले में गहरी जांच की आवश्यकता सामने आई है।
इस कार्रवाई के बाद, अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे की गिरफ्तारियाँ और कार्रवाई की जा सकती है, ताकि इस घोटाले से जुड़े सभी लोगों को सामने लाया जा सके।
छत्तीसगढ़ में सरकारी आपूर्ति के घोटालों पर नजर रखते हुए EOW की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पुलिस और EOW ने इस मामले को पूरी गंभीरता से लिया है और जल्दी ही इससे संबंधित और भी जानकारी सामने आने की उम्मीद है।