रायपुर : छत्तीसगढ़ विधानसभा का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से 20 दिसंबर 2024 तक आयोजित किया जाएगा। चार दिवसीय इस सत्र में विपक्ष द्वारा सरकार को घेरने के लिए कई मुद्दे उठाए जाने की संभावना है। सत्र के दौरान कानून व्यवस्था, शराब नीति, धान खरीदी, और अन्य विभागीय कार्यों पर तीखी बहस होने की उम्मीद है।
प्रस्तुत किए गए सवाल
इस सत्र के लिए अब तक विभिन्न विभागों से संबंधित 814 सवाल प्रस्तुत किए जा चुके हैं।
- गृह विभाग: कानून व्यवस्था और विभागीय कार्रवाइयों पर सवाल।
- शराब नीति: नई नीति के कार्यान्वयन और उसके प्रभाव पर चर्चा।
- राजस्व मामले: भूमि विवाद और राजस्व संग्रहण में पारदर्शिता के मुद्दे।
- अन्य विभागों की कार्य प्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए गए हैं।
विपक्ष का एजेंडा
विपक्ष ने सत्र के लिए पूरी तैयारी कर ली है।
- कानून व्यवस्था: हालिया घटनाओं और अपराध के बढ़ते मामलों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा।
- शराब नीति: शराब बिक्री और नई नीति के प्रभाव को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
- धान खरीदी: किसानों के हितों और समर्थन मूल्य में देरी के मुद्दे पर सरकार को जवाब देना होगा।
सरकार की तैयारी
सरकार ने सभी विभागों को सत्र से पहले समीक्षा बैठकें करने और विपक्ष के सवालों के लिए पूरी तैयारी करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री और कैबिनेट ने रणनीति तय करने के लिए विशेष बैठकें आयोजित की हैं।
संभावित हंगामे के मुद्दे
- नक्सल समस्या: सुकमा और बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हालिया घटनाएं।
- शिक्षा और स्वास्थ्य: सरकारी योजनाओं की धीमी प्रगति और बजट की कमी।
- आर्थिक मुद्दे: सरकारी विभागों के कामकाज में पारदर्शिता और बजट के उपयोग पर सवाल।
सत्र का महत्व
शीतकालीन सत्र छोटी अवधि का है, लेकिन इसमें राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। यह सरकार और विपक्ष दोनों के लिए अपनी नीतियों और कार्यों को प्रस्तुत करने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा।
निष्कर्ष
यह सत्र छत्तीसगढ़ की राजनीति में अहम भूमिका निभाएगा। विपक्ष जहां सरकार को घेरने की कोशिश करेगा, वहीं सरकार अपने कामकाज को मजबूती से प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन किस पर भारी पड़ता है।