Mukesh Ambani Friend Manoj Modi: 40 साल पुरानी दोस्ती और रिलायंस में बड़ा रोल, कौन हैं मुकेश अंबानी के खास दोस्त MM जो बने हुए हैं राइट हैंड
कौन हैं Manoj Modi, जिन्हें Mukesh Ambani का करीबी दोस्त और राइट हैंड कहा जाता है? जानें कॉलेज की दोस्ती, रिलायंस में उनकी भूमिका और जियो-फेसबुक डील से जुड़ी कहानी।

मुंबई। देश के सबसे बड़े कारोबारी घरानों में शामिल अंबानी परिवार की सफलता की कहानी में कई ऐसे नाम हैं, जो पर्दे के पीछे रहकर अहम भूमिका निभाते रहे हैं। इन्हीं में एक नाम मनोज मोदी का है। उन्हें मुकेश अंबानी का बेहद करीबी दोस्त और रिलायंस समूह का भरोसेमंद रणनीतिकार माना जाता है। खास बात यह है कि मनोज मोदी लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करते हैं, लेकिन रिलायंस की कई बड़ी परियोजनाओं में उनकी भूमिका रही है।
कारोबारी जगत में उन्हें 'MM' के नाम से भी जाना जाता है। मुकेश अंबानी के साथ उनकी दोस्ती कॉलेज के दिनों से चली आ रही है। चार दशक से ज्यादा पुराने इस रिश्ते ने समय के साथ दोस्ती के साथ-साथ पेशेवर भरोसे और साझेदारी का रूप भी लिया। आइए जानते हैं कौन हैं मनोज मोदी और रिलायंस के कारोबार में उनकी क्या भूमिका रही है।
कॉलेज में शुरू हुई थी मुकेश अंबानी और मनोज मोदी की दोस्ती
मनोज मोदी और मुकेश अंबानी की मुलाकात मुंबई के यूनिवर्सिटी डिपार्टमेंट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (UDCT) में पढ़ाई के दौरान हुई थी। इस संस्थान को अब इंस्टीट्यूट ऑफ केमिकल टेक्नोलॉजी (ICT) के नाम से जाना जाता है। दोनों ने यहां केमिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी।
कॉलेज के दिनों में शुरू हुई दोस्ती आगे चलकर कारोबारी रिश्ते में भी बदल गई। मुकेश अंबानी ने अपने पिता धीरूभाई अंबानी के कारोबार में सक्रिय भूमिका संभाली, वहीं मनोज मोदी रिलायंस समूह से जुड़कर कंपनी की कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का हिस्सा बने।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनोज मोदी 1980 के दशक की शुरुआत से रिलायंस के साथ जुड़े रहे हैं। उन्होंने कंपनी के विस्तार के अलग-अलग दौर में मुकेश अंबानी के साथ काम किया।
कौन हैं मनोज मोदी, जिन्हें कहा जाता है मुकेश अंबानी का राइट हैंड?
मनोज मोदी रिलायंस समूह के उन वरिष्ठ कारोबारी चेहरों में गिने जाते हैं, जिनकी पहचान सार्वजनिक मंचों और मीडिया की सुर्खियों से ज्यादा उनके काम के कारण बनी है।
उनके बारे में प्रकाशित कारोबारी रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह रिलायंस की कॉरपोरेट रणनीति, परियोजनाओं की योजना, क्रियान्वयन और महत्वपूर्ण कारोबारी मामलों में अहम भूमिका निभाते रहे हैं।
इसी वजह से उन्हें मुकेश अंबानी का भरोसेमंद सहयोगी और राइट हैंड कहा जाता है। उनकी खासियत यह मानी जाती है कि वह बड़े कारोबारी विचारों को जमीन पर उतारने और जटिल परियोजनाओं को पूरा कराने में सक्रिय रहे हैं।
हजीरा से जामनगर रिफाइनरी तक निभाई अहम भूमिका
रिलायंस के विस्तार की कहानी में मनोज मोदी का योगदान कई बड़ी परियोजनाओं से जुड़ा रहा है। इनमें गुजरात का हजीरा पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स और जामनगर रिफाइनरी प्रमुख हैं।
कारोबारी रिपोर्ट्स के अनुसार, वह इन परियोजनाओं की योजना और क्रियान्वयन से जुड़ी कोर टीम का हिस्सा रहे। बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स को तय समय और रणनीति के अनुसार पूरा कराने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।
इसके अलावा रिलायंस के टेलीकॉम कारोबार और रिटेल बिजनेस के विस्तार में भी उन्होंने जिम्मेदारियां निभाईं। कंपनी के पारंपरिक उद्योगों से आगे बढ़कर डिजिटल और उपभोक्ता बाजार में उतरने के दौर में उनका अनुभव काम आया।
जियो और फेसबुक की 5.7 अरब डॉलर की डील में भी भूमिका
साल 2020 में रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स और अमेरिकी कंपनी फेसबुक के बीच बड़ा निवेश समझौता हुआ था। फेसबुक ने जियो प्लेटफॉर्म्स में करीब 5.7 अरब डॉलर यानी उस समय लगभग 43,574 करोड़ रुपये का निवेश करने का ऐलान किया था।
इस समझौते को रिलायंस के डिजिटल कारोबार के लिए महत्वपूर्ण माना गया। ब्लूमबर्ग और द प्रिंट की रिपोर्ट्स के मुताबिक, फेसबुक के साथ बातचीत और समझौते को आगे बढ़ाने में मनोज मोदी की अहम भूमिका रही थी।
इस डील ने मनोज मोदी को अंतरराष्ट्रीय कारोबारी जगत में भी चर्चा में ला दिया। हालांकि, वह सार्वजनिक तौर पर कम ही दिखाई देते हैं।
अंबानी परिवार की अगली पीढ़ी के साथ भी काम
मनोज मोदी का रिलायंस के साथ जुड़ाव केवल मुकेश अंबानी के कार्यकाल तक सीमित नहीं रहा। कारोबारी रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह अंबानी परिवार की अगली पीढ़ी के कारोबार और समूह की नई परियोजनाओं से भी जुड़े रहे हैं।
आकाश अंबानी जियो, ईशा अंबानी रिटेल और अनंत अंबानी समूह के अन्य कारोबारी क्षेत्रों में सक्रिय हैं। ऐसे में रिलायंस के लंबे अनुभव वाले अधिकारियों और रणनीतिकारों की भूमिका कंपनी के भविष्य के विस्तार में भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
लाइमलाइट से दूर रहकर बड़े फैसलों में योगदान
मनोज मोदी की सबसे अलग पहचान यही है कि रिलायंस जैसे बड़े कारोबारी समूह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद वह सार्वजनिक रूप से ज्यादा चर्चा में नहीं रहते।
उनकी पहचान एक ऐसे कारोबारी सहयोगी की है, जिसने मुकेश अंबानी के साथ लंबे समय तक काम किया और समूह की कई बड़ी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में योगदान दिया। कॉलेज के दिनों से शुरू हुआ यह रिश्ता आज भी भारतीय कॉरपोरेट जगत की चर्चित दोस्तियों में गिना जाता है।


