Share Market October 23: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी टूटे, जानिए बाजार में भूचाल लाने वाले 5 बड़े कारण
Share Market October 23: अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी में सुस्ती रही। जानिए मिडकैप, बैंकिंग शेयरों में कमजोरी और स्विगी-कोलगेट में गिरावट के मुख्य कारण।

नई दिल्ली/मुंबई। चालू सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार 23 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स 125.56 अंक (0.17%) की कमजोरी के साथ 73,123.83 के स्तर पर बंद हुआ।
वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 87.65 अंक (0.39%) फिसलकर 22,600.00 पर बंद हुआ। बाजार में चौतरफा बिकवाली के कारण लगभग 3,275 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि केवल 797 शेयरों में तेजी आई और 114 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।
मिडकैप शेयरों में भारी बिकवाली
व्यापक बाजारों में जबरदस्त दबाव देखा गया, जहां मिडकैप इंडेक्स 2% से अधिक लुढ़क गया। इसके खराब प्रदर्शन के कारण बाजार का रुख पूरी तरह नकारात्मक रहा। स्थिति यह रही कि एनएसई पर हर एक बढ़ने वाले शेयर के मुकाबले छह शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।
बैंकिंग शेयरों में कमजोरी
मुनाफा वसूली और बिकवाली के दबाव के चलते निफ्टी बैंक इंडेक्स 638 अंक की भारी गिरावट के साथ 54,287 के स्तर पर बंद हुआ। एसेट क्वालिटी (संपत्ति की गुणवत्ता) खराब होने की चिंताओं के बीच श्रीराम फाइनेंस निफ्टी में सबसे ज्यादा 4% टूटने वाला शेयर रहा।
मेटल शेयरों पर बना रहा दबाव
मेटल सेक्टर में भी सुस्ती का माहौल रहा। दूसरी तिमाही के अच्छे वित्तीय नतीजे सामने आने के बावजूद जेएसडब्ल्यू स्टील (JSW Steel) के शेयरों में 3% की गिरावट दर्ज की गई।
स्विगी के शेयरों में एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट
ऑनलाइन फूड और डिलीवरी प्लेटफॉर्म स्विगी के शेयरों में 17% की बड़ी गिरावट आई, जो इसके इतिहास में एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट है। कंपनी के 'क्विक-कॉमर्स' कारोबार का प्रदर्शन निवेशकों की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहने से यह बिकवाली आई।
कैपिटल गुड्स और एआई शेयरों में सुस्ती
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शेयरों में बिकवाली का असर कैपिटल गुड्स शेयरों पर भी पड़ा, जिससे एबीबी (ABB) के शेयर 5% गिर गए। इसके अलावा, कमजोर तिमाही नतीजों के चलते कोलगेट के शेयरों में भी 5% की गिरावट आई। इसके अलावा कमजोर नतीजों और सेक्टर विशेष के दबाव के चलते निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिससे बाजार लाल निशान के साथ बंद हुआ।


