IMF India GDP growth 2027-28: भारत की GDP ग्रोथ 7% रहेगी, दुनिया को आगे लेकर जाएगा इंडिया, अमेरिका-चीन की तुलना में कहां खड़ा है इंडिया, देखें रिपोर्ट
IMF India GDP growth 2027-28: अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7% कर दिया है। ग्लोबल टेंशन के बीच भारत की अर्थव्यवस्था अमेरिका और चीन से काफी आगे निकल रही है।

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट के तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में भारत की विकास दर का अनुमान बढ़ा दिया है।
आईएमएफ के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027-28 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ 7 फीसदी रहने का अनुमान है, जो दुनिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से दोगुने से भी ज्यादा है। इस मामले में भारत के आगे अमेरिका और चीन जैसे देश भी पीछे छूटते नजर आ रहे हैं।
IMF ने बढ़ाया भारत की ग्रोथ का अनुमान
अक्टूबर 2026 में जारी आईएमएफ की 'वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट' के अनुसार, भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार लगातार तेज बनी हुई है।
वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक की वित्तीय वर्ष 2026-27 की रिपोर्ट में जुलाई में जारी अनुमान में विकास दर 6.4% रहने की बात कही गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 7% कर दिया गया है (यानी 0.6% की बढ़ोतरी)।
वहीं वित्तीय वर्ष 2027-28 के लिए भी ग्रोथ का अनुमान 6.7% से बढ़ाकर 7% कर दिया गया है। इसके विपरीत, आईएमएफ ने वर्ष 2026 के लिए वैश्विक (ग्लोबल) ग्रोथ महज 3.1% और चीन की ग्रोथ 4.5% रहने का अनुमान जताया है।
भारत की ग्रोथ में ऐसा क्या है खास?
आईएमएफ का मानना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को मुख्य रूप से मजबूत घरेलू मांग (Domestic Demand) और सर्विस सेक्टर से बड़ा सहारा मिल रहा है। देश का विशाल घरेलू बाजार, Demographics और लगातार जारी आर्थिक सुधार इसकी मुख्य वजहें हैं।
लोग सामान खरीद रहे हैं, रियल एस्टेट में निवेश कर रहे हैं और विभिन्न सेवाओं पर खर्च बढ़ा रहे हैं। आईटी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं, और परिवहन जैसे सेवा क्षेत्रों का शानदार प्रदर्शन देश की आर्थिक तरक्की में अहम योगदान दे रहा है।
प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले कहां खड़ा है भारत?
देशअनुमानित विकास दर (2026)
भारत 7.0%
चीन 4.5%
स्पेन 2.5%
अमेरिका 2.3%
जर्मनी 1.3%
जापान 0.7%
फ्रांस 0.4%
इन आंकड़ों से साफ है कि भारत की अनुमानित विकास दर चीन से 2.5 प्रतिशत अंक और अमेरिका से 4.7 प्रतिशत अंक अधिक है। इसके अलावा जर्मनी, फ्रांस और जापान जैसी विकसित अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भी भारत की स्थिति बेहद मजबूत है।
वैश्विक औसत से दोगुनी रफ्तार
भले ही दुनिया के सामने पश्चिम एशिया का संघर्ष, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और महंगाई जैसी चुनौतियां खड़ी हों, लेकिन भारत की अनुमानित 7% की ग्रोथ रेट वैश्विक औसत (3.1%) से दोगुने से भी अधिक है।
हालांकि, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव का आंशिक असर पड़ सकता है, फिर भी आईएमएफ का यह नया अनुमान भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक संकेत है।


