Bondi Beach Attack
Bondi Beach Attack: हैदराबाद। ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच में हुए आतंकी हमले को लेकर तेलंगाना पुलिस ने अहम जानकारी साझा की है। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में मारे गए 50 वर्षीय सजिद अकरम का पिछले लगभग तीन दशकों से भारत, खासकर हैदराबाद में अपने परिवार से बहुत सीमित संपर्क था। यहां तक कि अपने पिता की मौत पर भी वह भारत नहीं आया था।
Bondi Beach Attack: तेलंगाना पुलिस के बयान के मुताबिक, सजिद अकरम मूल रूप से हैदराबाद का रहने वाला था और उसने यहां से बी.कॉम की पढ़ाई पूरी की थी। नवंबर 1998 में वह ऑस्ट्रेलिया चला गया था और वहीं स्थायी रूप से बस गया। हालांकि उसके पास भारतीय पासपोर्ट मौजूद था, लेकिन ऑस्ट्रेलिया जाने के बाद उसने भारत की यात्रा केवल छह बार ही की, वो भी मुख्य रूप से संपत्ति से जुड़े मामलों और बुजुर्ग माता-पिता से मिलने के लिए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सजिद अकरम का हैदराबाद में अपने रिश्तेदारों से पिछले 27 वर्षों से संपर्क बेहद सीमित रहा। भारत में मौजूद परिवार को उसके कथित कट्टरपंथी विचारों या गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी।
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Bondi Beach Attack: गौरतलब है कि 14 दिसंबर को ऑस्ट्रेलिया के बॉन्डी बीच में हुए हमले में सजिद अकरम और उसके 34 वर्षीय बेटे नवीद अकरम ने हनुक्का समारोह के दौरान गोलीबारी की थी। इस हमले में 15 लोगों की मौत हुई और 42 घायल हुए थे। बाद में पुलिस मुठभेड़ में सजिद अकरम मारा गया, जिससे मृतकों की संख्या 16 हो गई, जबकि नवीद अकरम पुलिस निगरानी में अस्पताल में भर्ती है।
तेलंगाना पुलिस ने कहा कि दोनों के कट्टरपंथी बनने के कारणों का भारत या तेलंगाना से कोई सीधा संबंध नहीं दिखता। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने इस हमले को इस्लामिक स्टेट की विचारधारा से प्रेरित लक्षित आतंकी हमला बताया है।
