बिलासपुर : Bilaspur News : नगर निगम चुनाव में भाजपा की महापौर पद की प्रत्याशी पूजा विधानी के जाति प्रमाण पत्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने स्क्रूटनी के दौरान उनके जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर सवाल उठाते हुए आधिकारिक आपत्ति दर्ज कराई है।
Bilaspur News : कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद नायक और उनके वकील ने जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष दावा किया कि पूजा विधानी का असली नाम एल पद्मजा है और वे तेलुगु समाज से आती हैं, जबकि नामांकन पत्र में उन्होंने स्वयं को ओबीसी वर्ग के तहत उड़िया समाज का सदस्य बताया है।
क्या है मामला?
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पूजा विधानी का जाति प्रमाण पत्र संदिग्ध है और उन्होंने महापौर पद के लिए झूठा दावा कर चुनावी प्रक्रिया में भाग लिया है। इस मामले को गंभीर मानते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने सुनवाई के लिए शाम 5 बजे का समय तय किया है और पूजा विधानी से प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा है।
पूजा विधानी का जवाब
पूजा विधानी ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि उनका जाति प्रमाण पत्र पूरी तरह वैध है और पहले भी चुनावों में इसका इस्तेमाल किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेवजह विवाद खड़ा कर रही है और चुनावी माहौल को भटकाने की कोशिश कर रही है।
चुनाव पर असर और राजनीतिक माहौल
बिलासपुर नगर निगम में महापौर पद ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षित है, इसलिए यह मामला राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील हो गया है। भाजपा ने पूजा विधानी को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने प्रमोद नायक को मैदान में उतारा है।
आगे क्या होगा?
- शाम 5 बजे जिला निर्वाचन अधिकारी दोनों पक्षों की सुनवाई करेंगे।
- पूजा विधानी को अपना जाति प्रमाण पत्र वैध साबित करना होगा।
- अगर प्रमाण पत्र में कोई गड़बड़ी पाई जाती है, तो उनका नामांकन रद्द भी हो सकता है।
अब सभी की निगाहें जिला निर्वाचन अधिकारी की सुनवाई पर टिकी हैं, जिससे तय होगा कि क्या पूजा विधानी चुनावी दौड़ में बनी रहेंगी या उनका नामांकन रद्द होगा।