Top
Begin typing your search above and press enter to search.
ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News : बिहार को मिली बड़ी सौगात, फोर लेन हाईवे और 4 रेल परियोजनाओं को मंजूरी

बिहार के लिए यह मंजूरी खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा हाईवे उत्तर बिहार और नेपाल सीमा के बीच संपर्क को तेज और बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

Bihar News : बिहार को मिली बड़ी सौगात, फोर लेन हाईवे और 4 रेल परियोजनाओं को मंजूरी
X

पटना। बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर केंद्र सरकार ने बुधवार को बड़ी घोषणाएं कीं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राज्य में मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन को फोर लेन करने की परियोजना को मंजूरी दी है। करीब 82.58 किलोमीटर लंबे इस हाईवे प्रोजेक्ट पर लगभग ₹3,590.73 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही चार महत्वपूर्ण रेलवे मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को भी मंजूरी मिली है, जिनकी संयुक्त अनुमानित लागत करीब ₹9,450 करोड़ है। सभी स्वीकृत रेल और सड़क परियोजनाओं का कुल निवेश लगभग ₹13,041 करोड़ बताया गया है।

मुजफ्फरपुर से सोनबरसा का सफर होगा आसान

फोर लेन बनने के बाद मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा मार्ग पर यातायात अधिक सुगम होने की उम्मीद है। यह कॉरिडोर उत्तर बिहार को नेपाल सीमा से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्गों में शामिल है। उपलब्ध परियोजना दस्तावेजों के अनुसार, सड़क का विस्तार होने से मुजफ्फरपुर से सोनबरसा के बीच यात्रा समय करीब दो घंटे से घटकर एक घंटे तक हो सकता है।

इस परियोजना से यात्री और माल परिवहन दोनों को फायदा मिलने की उम्मीद है। साथ ही मार्ग पर भीड़भाड़ कम करने, सड़क सुरक्षा बेहतर करने और सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ कारोबारी संपर्क मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।

खड़गपुर-भद्रक चौथी लाइन को मंजूरी

रेलवे क्षेत्र में केंद्र सरकार ने खड़गपुर-भद्रक चौथी लाइन परियोजना को मंजूरी दी है। लगभग 173 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹3,352 करोड़ है। इसका उद्देश्य इस व्यस्त रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ाना और माल एवं यात्री ट्रेनों के संचालन को अधिक सुचारु बनाना है।

भद्रक-हरिदासपुर रेल लाइन का भी विस्तार

कैबिनेट ने भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन परियोजना को भी मंजूरी दी है। करीब 75 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर लगभग ₹1,583 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इससे पूर्वी भारत के प्रमुख रेल नेटवर्क में क्षमता बढ़ाने और माल ढुलाई को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

गुम्मिडिपुंडी-गुडुर और कटक-पारादीप लाइन को भी हरी झंडी

चौथी स्वीकृत रेलवे परियोजना गुम्मिडिपुंडी-गुडुर तीसरी और चौथी लाइन से जुड़ी है। इसकी लंबाई करीब 90 किलोमीटर और अनुमानित लागत ₹2,229 करोड़ बताई गई है।

इसके अलावा कटक-पारादीप तीसरी और चौथी लाइन परियोजना को भी मंजूरी मिली है, जिस पर करीब ₹2,286 करोड़ खर्च होने का अनुमान है। इन दोनों परियोजनाओं से दक्षिण और पूर्वी भारत के महत्वपूर्ण रेल गलियारों की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

रेल नेटवर्क मजबूत होने से बढ़ेगी माल ढुलाई क्षमता

केंद्र सरकार के मुताबिक, इन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं का उद्देश्य मौजूदा रेल नेटवर्क पर भीड़भाड़ कम करना और ट्रेनों की आवाजाही को अधिक कुशल बनाना है। इससे यात्री सेवाओं के साथ माल ढुलाई की क्षमता भी बढ़ेगी। खास तौर पर पूर्वी तट के महत्वपूर्ण औद्योगिक और बंदरगाह क्षेत्रों तक रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

बिहार के लिए रोड और रेल दोनों मोर्चों पर बड़ा निवेश

बिहार के फोर लेन हाईवे और देश के अन्य हिस्सों में मंजूर चार रेल परियोजनाओं को मिलाकर ₹13,041 करोड़ का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर पैकेज सामने आया है। बिहार के लिए यह मंजूरी खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा हाईवे उत्तर बिहार और नेपाल सीमा के बीच संपर्क को तेज और बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019