Bihar government formation: बिहार में तय हो गया छह विधायकों पर एक मंत्री का फार्मूला, JDU रख सकती है सीएम पद, बीजेपी और एलजेपी को मिल सकता है एक-एक Deputy CM

बिहार में तय हो गया छह विधायकों पर एक मंत्री का फार्मूला, JDU रख सकती है सीएम पद, बीजेपी और एलजेपी को मिल सकता है एक-एक Deputy CM
बिहार में तय हो गया छह विधायकों पर एक मंत्री का फार्मूला, JDU रख सकती है सीएम पद, बीजेपी और एलजेपी को मिल सकता है एक-एक Deputy CM
Bihar government formation: पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद नई सरकार गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार की जनता दल (यूनाइटेड) को एक बार फिर मुख्यमंत्री पद मिलने की संभावना है, जबकि भाजपा और चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को एक-एक उपमुख्यमंत्री पद सौंपा जा सकता है।
Bihar government formation: बता दें कि, एनडीए ने 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में 202 सीटें हासिल की हैं। इसमें भाजपा को 89, जेडीयू को 85, एलजेपी (आरवी) को 19, हम (एस) को 5 और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को 4 सीटें मिली हैं। मंत्रिमंडल वितरण में 'हर छह विधायकों पर एक मंत्री' के फॉर्मूले के तहत भाजपा को 15-16, जेडीयू को 14 और एलजेपी को 3 मंत्री पद मिल सकते हैं।
Bihar government formation: दिल्ली में हो चुका है सीएम पद का फैसला
नीतीश कुमार को सीएम बने रहने का फैसला दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ हुई बैठक में हो चुका है। जेडीयू के वरिष्ठ नेता संजय झा ने कहा, मुख्यमंत्री पद पर कोई विवाद नहीं है। बिहार ने विकास के लिए नीतीश कुमार को भारी जनादेश दिया है। भाजपा और जेडीयू के विधायक दल की बैठक सोमवार को होने वाली है, और नीतीश कुमार राजभवन में अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। शपथ ग्रहण समारोह इस हफ्ते ही होने की उम्मीद है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री और एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं।
Bihar government formation: बता दें कि, इससे पहले चिराग पासवान ने शनिवार को नीतीश कुमार से मुलाकात की और कहा, हमारी पार्टी नई सरकार में शामिल होने को उत्सुक है। नीतीश जी को सीएम बने रहना चाहिए। एलजेपी ने 29 सीटों पर से 19 जीतकर दलित वोटों को एकजुट करने में अहम भूमिका निभाई, जिसके एवज में डिप्टी सीएम पद की मांग उठ रही है। ऐसे में बिहार में दो उपमुख्यमंत्री वाला फॉर्मूला आसानी से लागू हो सकता है।


