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Bihar Election 2025 : दूसरे चरण की वोटिंग से पहले JDU का ‘मास्टरस्ट्रोक’, अब क्या करेंगे तेजस्वी यादव?

Dev Verma
Bihar Election 2025
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Bihar Election 2025

Bihar Election 2025 : पटना। बिहार में दूसरे चरण की वोटिंग से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के खिलाफ बड़ा ‘मास्टरस्ट्रोक’ खेला है। इस रणनीति का मकसद स्पष्ट है लालू यादव और उनकी पार्टी को वोटिंग से ठीक पहले राजनीतिक दबाव में लाना और जनता के सामने उनके शासनकाल की नकारात्मक छवि पेश करना।

जदयू ने शनिवार को पटना में प्रवक्ता नीरज कुमार के सरकारी आवास के बाहर एक पोस्टर लगाया। इस पोस्टर में राजद के शासनकाल से जुड़े घटनाक्रमों और उस समय के समाचार पत्रों की कटिंग को दर्शाया गया है। पोस्टर में लालू राज के दौर में हुए नरसंहार और जातीय हिंसा की घटनाओं को उजागर किया गया है। पोस्टर में लिखा गया है “वो दौर जब जातीय विद्वेष और बंदूक का शासन था, भूलेगा नहीं बिहार, वो 118 नरसंहार, जहां इंसानियत रोई थी और सत्ता मुस्कुरा रही थी। नरसंहारों की चीखें आज भी बिहार की मिट्टी में गूंजती हैं।”

Bihar Election 2025 : JDU नेता नीरज कुमार का बयान
पोस्टर के बारे में प्रतिक्रिया देते हुए JDU प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि लालू राज के समय के इस पोस्टर का उद्देश्य जनता को याद दिलाना है कि राजद शासन में क्या हालात थे। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव के चुनाव प्रचार में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू यादव सक्रिय रहे हैं, इसलिए जनता को लालूवाद का असली चेहरा दिखाना जरूरी है।

नीरज कुमार ने बताया कि उस समय की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी कहती थीं कि उनके मंत्रिमंडल में शामिल मंत्री भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। उन्होंने उच्च न्यायालय के हवाले से कहा कि कई सरकारी ठेकों में रिश्तेदारों को लाभ दिया जाता था। नीरज ने स्पष्ट किया कि यह जानकारी तब की समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई थी और अब इसे याद करना जनता के लिए जरूरी है।

Bihar Election 2025 : राजनीतिक संदेश और रणनीति
JDU का यह कदम चुनाव से ठीक पहले राजद की छवि को कमजोर करने और लालूवाद के खिलाफ जनता में भय और नकारात्मक धारणा पैदा करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह पोस्टर अभियान तेजस्वी यादव के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां लालू राज का इतिहास अभी भी चर्चा में रहता है।


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