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फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर बड़ी ठगी! ईडी ने 170 करोड़ रुपये किये जब्त....पढ़े पूरी खबर

Uma Verma
CG News: छत्तीसगढ़ में ED का बड़ा एक्शन, रायपुर-बिलासपुर में कारोबारियों के ठिकानों पर छापा
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CG News: छत्तीसगढ़ में ED का बड़ा एक्शन, रायपुर-बिलासपुर में कारोबारियों के ठिकानों पर छापा

नई दिल्ली। फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर बड़ी ठगी : फॉरेक्स ट्रेडिंग के नाम पर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने क्यूएफएक्स ट्रेड लिमिटेड और उससे जुड़ी अन्य कंपनियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू कर दी है। इस घोटाले के मास्टरमाइंड नवाब अली उर्फ लैविश चौधरी और उनके साथियों पर निवेशकों को गुमराह कर करोड़ों रुपये ठगने का आरोप है।

ईडी की टीम ने 30 से अधिक बैंक खातों में जमा 170 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। साथ ही, इस पूरे नेटवर्क से जुड़े कई संदिग्ध व्यक्तियों और कंपनियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की जा रही है।

कैसे दिया जाता था धोखाधड़ी को अंजाम?

सूत्रों के मुताबिक, नवाब अली और उसकी टीम ने क्यूएफएक्स ट्रेड लिमिटेड के नाम से एक फर्जी फॉरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म तैयार किया था। इस प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को कम समय में बड़ा मुनाफा देने का लालच दिया जाता था। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए:

सोशल मीडिया पर महंगे लाइफस्टाइल का दिखावा – लग्जरी कारें, महंगे होटल और फाइव-स्टार पार्टियों के जरिए लोगों को निवेश के लिए प्रेरित किया जाता था।
फर्जी गारंटी और हाई रिटर्न का झांसा – कंपनी ने निवेशकों को हर महीने 20-30% तक का रिटर्न देने का वादा किया।
रिफरल स्कीम से जाल फैलाया – निवेशकों को नए लोगों को जोड़ने पर मोटा कमीशन देने का लालच दिया जाता था, जिससे घोटाले का दायरा बढ़ता गया।
बैंक और क्रिप्टो के जरिए फंड ट्रांसफर – पैसा सीधे बैंक खातों के अलावा क्रिप्टोकरेंसी के जरिए भी ट्रांसफर किया जाता था, जिससे ट्रांजेक्शन ट्रैक करना मुश्किल हो जाए।

ईडी की कार्रवाई और आगे की जांच

ईडी ने इस घोटाले से जुड़े कई बैंक खातों को फ्रीज करने के अलावा, संदिग्ध परिसरों पर छापेमारी भी की है। इस दौरान कई डिजिटल दस्तावेज और फर्जी निवेश योजनाओं से जुड़े सबूत मिले हैं।

जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि इस घोटाले में अन्य अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क या कंपनियों का हाथ तो नहीं है। साथ ही, ईडी ने निवेशकों से अपील की है कि यदि वे इस घोटाले का शिकार हुए हैं, तो वे आगे आकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

क्या है निवेशकों के लिए सबक?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के घोटाले फर्जी हाई-रिटर्न स्कीम के जरिए लोगों को फंसाते हैं। निवेशकों को किसी भी असाधारण रिटर्न देने वाले प्लेटफॉर्म में पैसा लगाने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करनी चाहिए।

ईडी की यह कार्रवाई फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन इन्वेस्टमेंट स्कीम्स पर सख्ती बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस मामले में आगे और गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है।


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