नगरीय निकाय चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के लिए यह बड़ा झटका है।
खूंटे का इस्तीफा पार्टी की आंतरिक स्थिति और रणनीति पर सवाल खड़े करता है।
संभावित प्रभाव:
इस इस्तीफे से कांग्रेस की स्थिति कमजोर हो सकती है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां खूंटे का प्रभाव है। विपक्षी दल इसे कांग्रेस की विफलता के रूप में प्रचारित कर सकते हैं।