भिलाई: भिलाई नगर निगम के निर्दलीय पार्षदों ने आज अपने क्षेत्र में विकास कार्यों की अनदेखी और सफाई ठेके में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए नगर निगम मुख्यालय का घेराव किया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में विभिन्न वार्डों के लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारी सुपेला घड़ी चौक पर इकट्ठे हुए और रैली के रूप में नगर निगम मुख्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विकास कार्यों में अनदेखी का आरोप
निर्दलीय पार्षदों का आरोप है कि चुनाव हुए तीन साल बीत चुके हैं, लेकिन उनके वार्डों में किसी भी तरह का विकास कार्य नहीं किया गया है। उन्होंने दावा किया कि निगम प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहा और वार्डों की उपेक्षा कर रहा है।
सफाई ठेके में भ्रष्टाचार के आरोप
पार्षदों ने सफाई ठेके में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि विगत वर्ष की तुलना में अधिक राशि में ठेका उसी ठेकेदार को दे दिया गया है, जो पहले से ही सवालों के घेरे में था। उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था पर खर्च किए जाने वाले धन का सही उपयोग नहीं हो रहा है, और इससे जनता के पैसे की बर्बादी हो रही है।
Bhilai : टाउनशिप क्षेत्र में एनओसी के बिना विकास कार्य
पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि टाउनशिप क्षेत्र में भिलाई इस्पात संयंत्र की एनओसी के बिना ही विकास कार्य किए जा रहे हैं। यह न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जनता के पैसों की फिजूलखर्ची भी है। उन्होंने मांग की कि विकास कार्यों के लिए पहले एनओसी ली जाए और उसके बाद ही काम शुरू किया जाए।
इस मामले पर नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडे ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वित्तीय व्यवस्था की दिक्कतों के कारण ऐसी स्थिति बनी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही व्यवस्था में सुधार लाया जाएगा और पार्षदों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा।
मांगों का ज्ञापन सौंपा
प्रदर्शन के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों का ज्ञापन नगर निगम आयुक्त राजीव पांडे को सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे और बड़ा आंदोलन करेंगे।
भिलाई नगर निगम के खिलाफ निर्दलीय पार्षदों और स्थानीय निवासियों का यह प्रदर्शन प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की जरूरत को उजागर करता है। नगर निगम को चाहिए कि वह जनता और पार्षदों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करे, ताकि विकास कार्यों और सफाई व्यवस्था में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।