ममता बनर्जी, Murshidabad Violence, मुर्शिदाबाद हिंसा
Bengal Elections: नई दिल्ली: CM ममता बनर्जी ने शुक्रवार को भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के टेंटुलिया में आयोजित एक चुनावी रैली में उन्होंने कहा कि भाजपा को असम के स्थानीय मतदाताओं पर भरोसा नहीं था, इसलिए उसने बाहर से लोगों को बुलाकर चुनाव जीतने की कोशिश की।
उत्तर प्रदेश से लोगों को लाने का दावा
ममता बनर्जी ने दावा किया कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश से करीब 50,000 लोगों को ट्रेन के जरिए असम लाया। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है और जनता को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।
केंद्रीय एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल
मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को घेरते हुए आरोप लगाया कि भाजपा शासन में देश की एजेंसियां निष्पक्ष नहीं रह गई हैं। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल ने एजेंसियों पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता प्रभावित हो रही है।
तीखी टिप्पणी से बढ़ा सियासी तापमान
भाजपा पर कड़ा प्रहार करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि “सांप पर भरोसा किया जा सकता है, लेकिन भाजपा पर नहीं।” उनके इस बयान से चुनावी माहौल और अधिक गरमा गया है।
वोटर लिस्ट से नाम हटाने का मुद्दा उठाया
रैली के दौरान उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पश्चिम बंगाल में करीब 90 लाख नाम हटाए गए, जिनमें 60 लाख हिंदू और 30 लाख मुस्लिम शामिल हैं।
असम NRC का दिया उदाहरण
ममता बनर्जी ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का हवाला देते हुए कहा कि असम में भी 19 लाख लोगों के नाम सूची से बाहर किए गए थे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सतर्क रहें और किसी भी तरह की भ्रामक राजनीति से बचें।
चुनावी माहौल में तेज हुई बयानबाजी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। असम की 126 सीटों पर मतदान के बाद अब राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
Discover more from ASIAN NEWS BHARAT - Voice of People
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


