घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने के लाभ और नियम: जानिए सबकुछ......
घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना एक प्राचीन भारतीय परंपरा है, जो विशेष रूप से दीपावली और अन्य धार्मिक अवसरों पर की जाती है। यह एक शुभ कार्य माना जाता है, क्योंकि दीपक से न केवल घर में उजाला आता है, बल्कि यह सकारात्मक ऊर्जा और शांति का प्रतीक भी होता है। घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाने के कुछ महत्वपूर्ण नियम और महत्व:
1. सकारात्मक ऊर्जा का आगमन
- दीपक को घर के मुख्य द्वार पर जलाने से नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। दीपक से निकलने वाली रोशनी घर में शांति और समृद्धि का वातावरण बनाती है।
2. दिशा का ध्यान रखें
- घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाते वक्त दिशा का ध्यान रखना महत्वपूर्ण है। माना जाता है कि घर के मुख्य द्वार पर दीपक उत्तर-पूर्व (North-East) दिशा में जलाना सबसे शुभ होता है, क्योंकि यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ाती है।
3. दीपक का आकार और प्रकार
- दीपक का आकार छोटा या बड़ा हो सकता है, लेकिन यह हमेशा साफ और निन्मत होना चाहिए। पारंपरिक तेल का दीपक अधिक शुभ माना जाता है, क्योंकि यह प्राकृतिक रूप से वातावरण को शुद्ध करता है।
4. दीपक का समय
- दीपक को सूर्योदय से पूर्व और सूर्यास्त के बाद जलाना सबसे अच्छा माना जाता है। दीपक को रात भर जलाने से घर में समृद्धि और सुख-शांति बनी रहती है।

5. दीपक में तेल और बाती का चयन
- दीपक में शुद्ध घी या तिल का तेल डालना शुभ माना जाता है। बाती को शुद्ध सूती होना चाहिए, क्योंकि यह सही तरीके से जलने में मदद करती है और दीपक की रोशनी को बढ़ाती है।
6. दीपक जलाने की समय और स्थान की विशेषता
- मुख्य द्वार पर दीपक जलाना तब और भी ज्यादा शुभ होता है जब कोई पूजा या धार्मिक अनुष्ठान किया जा रहा हो। इसे हर रोज़ जलाने से घर में सुख-समृद्धि और बुरी नज़र से सुरक्षा मिलती है।
7. आध्यात्मिक दृष्टिकोण से महत्व
- दीपक को जलाने से न केवल घर में शांति आती है, बल्कि यह आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह भगवान के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने का एक साधन माना जाता है।
यह परंपरा न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक सकारात्मक वातावरण बनाने के लिए भी जरूरी मानी जाती है। घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाना, परिवार के स्वास्थ्य, सुख-शांति, और समृद्धि के लिए एक अनमोल तरीका है।
