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सैफ अली खान पर हमले का बांग्लादेश कनेक्शन : कौन है शरीफुल इस्लाम, कैसे करवाई जाती है भारत में घुसपैठ

Dev Verma
सैफ अली खान पर हमले का बांग्लादेश कनेक्शन : कौन है शरीफुल इस्लाम, कैसे करवाई जाती है भारत में घुसपैठ
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सैफ अली खान पर हमले का बांग्लादेश कनेक्शन : कौन है शरीफुल इस्लाम, कैसे करवाई जाती है भारत में घुसपैठ

मुंबई। सैफ अली खान पर हमले का बांग्लादेश कनेक्शन : बॉलीवुड एक्टर सैफ अली खान के घर में घुसकर हमला करने के मामले में मुंबई पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस ने रविवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि आरोपी को शनिवार रात 2 बजे ठाणे के एक लेबर कैंप से गिरफ्तार किया गया।

मुंबई पुलिस के DCP गेदाम दीक्षित ने बताया कि आरोपी चोरी करने के इरादे से एक्टर के घर में घुसा था। उसके पास भारत का कोई वैध दस्तावेज नहीं है। उसके पास जो चीजें मिली हैं, उनके आधार पर बांग्लादेशी होने का शक है। मुंबई पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे 5 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है।

सैफ अली खान पर हमले का बांग्लादेश कनेक्शन : क्या था पूरा मामला

ये आरोपी बांग्लादेशी नागरिक है। उसका असल नाम शरीफुल इस्लाम शहजाद मोहम्मद रोहिल्ला अमीन फाकिर है। भारत में अवैध घुसपैठ के बाद वो महाराष्ट्र आया और यहां उसने अपना नाम बदल कर विजय दास रख लिया। कैसे बांग्लादेश मुसलमान और अन्य घुसपैठिए भारत में करते हैं घुसपैठ हम आपको बताएंगे, तो आप जुड़े रहिये एशियन न्यूज भारत के साथ -
उन्होंने आगे बताया कि हमलावर को ठाणे जिले के घोड़बंदर रोड स्थित हीरानंदानी एस्टेट से गिरफ्तार किया गया. अधिकारी ने बताया कि वह बांग्लादेशी नागरिक है और उसने भारत में आने के बाद अपना नाम शरीफुल इस्लाम शहजाद मोहम्मद रोहिल्ला अमीन फाकिर से बदलकर विजय दास कर लिया था.

बांग्लादेश का रहने वाला है आरोपी

उन्होंने बताया कि आरोपी बांग्लादेश के जिला झालोकाठी के थाना नालसिटी के ग्राम राजबरिया से है. यह दक्षिण बांग्लादेश का जिला है. ये ये मुंबई से करीब 2112 किलोमीटर दूर है. वह पिछले पांच महीने से मुंबई में रह रहा था और छोटे-मोटे काम करता था. पुलिस उन दस्तावेजों को इकट्ठा करने की कोशिश कर रही है जिनके जरिए आरोपी अवैध रूप से भारत में घुसा था. पुलिस ने बताया कि आरोपी बांग्लादेश भागने की फिराक में था.इसी दौरान उसे पकड़ लिया गया. आरोपी पर भारत में अवैध तरीक़े से घुसने , रहने का मामला भी अन्य धाराओ के साथ जोड़ा गया है .

डीसीपी जोन 9 दीक्षित गेडाम ने दी जानकारी

डीसीपी जोन 9 दीक्षित गेडाम ने कहा कि आरोपी चोरी के इरादे से सैफ अली खान के घर में घुसा था. उसे अदालत में पेश किया जाएगा और हिरासत की मांग की जाएगी. इस बात का प्राथमिक प्रमाण है कि वह बांग्लादेशी है, उसके पास भारतीय दस्तावेज नहीं है. हमें शक है कि आरोपी बांग्लादेशी मूल का है और इसलिए मामले में पासपोर्ट अधिनियम से संबंधित धाराएं जोड़ी गई हैं. कोर्ट में आज उसे पेश किया जाएगा और पुलिस कस्टडी की मांग की जाएगी.

डीसीपी दीक्षित गेडाम ने आगे कहा, प्रथम दृष्टया आरोपी बांग्लादेशी है और अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने के बाद उसने अपना नाम बदल लिया. वह अपने वर्तमान नाम विजय दास का उपयोग कर रहा था. वह 5-6 महीने पहले मुंबई आया था. वह यहीं रुका था. कुछ दिनों तक मुंबई और फिर मुंबई के आसपास ही आरोपी एक हाउसकीपिंग एजेंसी में काम करता था.

16 जनवरी को देर रात सैफ पर हुआ था हमला

बता दें, अभिनेता सैफ अली खान पर कथित तौर पर हमला करने के आरोप में रविवार तड़के ठाणे से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया. पुलिस अब तक 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है. आरोपी को पकड़ने के लिए 35 टीमें लगाई गई थीं. 16 जनवरी को देर रात घर में घुसे हमलावर के हाथों अभिनेता सैफ अली खान घायल हो गए थे. वह खुद ही एक ऑटो में सवार होकर मुंबई के लीलावती अस्पताल पहुंचे थे, जहां उनकी सर्जरी की गई थी.

कैसे होती है भारत में घुसपैठ
पश्चिम बंगाल के कूचबिहार के दिनहाटा ब्लॉक 1 के पास बहने वाली धारा नदी का दूसरा किनारा बांग्लादेश से लगता है। यहां BSF की चौकियां तो हैं मगर चौकसी उतनी ज्यादा नहीं रहती है। इसी बात का फायदा बांग्लादेशी घुसपैठ कराने वाले दलाल उठाते हैं। वे काठ की नावों जिनको स्थानीय भाषा में भुटभुटी कहते हैं , इनसे पार कराया जाता है। बात यहीं आकर ख़त्म नहीं हो जाती है।

बांग्लादेश दलालों की भूमिका अहम

ये घुसपैठ केवल सीमा तक ही सीमित नहीं रहती है। इसमें दलालों की महत्वपूर्ण भूमिका है जो घुसपैठियों को भारतीय शहरों में बसने में हेल्प करते हैं। ऐसे शहर जो सीमा क्षेत्र से बहुत दूर होते हैं। ये एजेंट नकली दस्तावेज़ और नौकरी की व्यवस्था करते हैं, जिससे अवैध रूप से घुसपैठ करने वालों के लिए नई पहचान बनाते हैं। एक एजेंट ने गर्व से बताया कि उसने इस काम में भाग लिया है और पूरे क्षेत्र में घुसपैठियों के लिए बस्तियां बसाने में मदद की है।

किन -किन चीजों की भी होती है तस्करी

रोहिंगिया मुसलमानों और बांग्लादेशी मुसलमानों की घुसपैठ के अलावा, दलालों का ये नेटवर्क मवेशियों, मादक पदार्थों, सोने और अन्य अवैध वस्तुओं की तस्करी भी बड़ी सफाई से करवाता है। नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बीएसएफ के जानकार बताते हैं कि , दिनहाटा में अवैध घुसपैठ और तमाम दूसरी गतिविधियों के जरिए ये दलाल तकरीबन 80 लाख रुपये हर दिन कमाते हैं. हर व्यक्ति को सीमा पार कराने के लिए ये 10 से 15हजार रुपये के बीच कमाते हैं। रोहिंगिया मुसमानों को हर तरह से अपराध में महारत हासिल होती है।


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