बलरामपुर : बलरामपुर जिले में आज से तीन दिवसीय तातापानी महोत्सव की शुरुआत हो गई है, जिसका उद्घाटन छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने किया। इस मौके पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, विधायक उद्धेश्वरी पैकरा, शकुंतला पोर्ते, राजेश अग्रवाल और प्रबोध मिंज भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने तातापानी पहुंचने के बाद तपेश्वर महादेव की पूजा अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने मकर संक्रांति के अवसर पर कृषि मंत्री और अन्य विधायकों के साथ पतंग उड़ाई और तिल के लड्डू भी खाए। मुख्यमंत्री ने महोत्सव स्थल पर विभिन्न विभागों के स्टॉल का निरीक्षण किया और वहां उपस्थित अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बलरामपुर जिले को 177 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर जिले के विकास कार्यों की शुरुआत की। तातापानी महोत्सव के तहत 300 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया, जिसमें मुख्यमंत्री ने स्वयं जाकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया। यह पहली बार था जब एक दिव्यांग जोड़े का विवाह भी कराया गया, और मुख्यमंत्री तथा मंत्री रामविचार नेताम ने उन्हें एक लाख रुपये का प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह गर्व की बात है कि साल का पहला बड़ा उत्सव बलरामपुर जिले से शुरू हो रहा है। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है और यह मान्यता है कि गरम तेल की कटोरी तातापानी में माता सीता के हाथों गिर गई थी, जिससे वहां गर्म जल का स्रोत निकलता है।
इसके साथ ही कृषि मंत्री की मांग पर मुख्यमंत्री ने बलरामपुर के महाविद्यालय में एक ऑडिटोरियम खोले जाने की घोषणा की। महोत्सव के दौरान मकर संक्रांति के अवसर पर तातापानी महोत्सव में दूर-दूर से हजारों लोग पहुंचे थे, जिनकी सुरक्षा के लिए पुलिस ने सख्त इंतजाम किए थे। इलाके की निगरानी सीसीटीवी और ड्रोन के जरिए की जा रही थी।