Balod News : बेटे पर पुलिस की बर्बरता को देख पिता ने तोड़ा दम, लाश को थाने में रखकर परिजनों ने किया प्रदर्शन

Balod News : बेटे पर पुलिस की बर्बरता को देख पिता ने तोड़ा दम, लाश को थाने में रखकर परिजनों ने किया प्रदर्शन
Balod News : बेटे पर पुलिस की बर्बरता को देख पिता ने तोड़ा दम, लाश को थाने में रखकर परिजनों ने किया प्रदर्शन
Balod News : बालोद : बेटे पर पुलिस की बर्बरता को देख पिता ने तोड़ा दम, लाश को थाने में रखकर परिजनों ने किया प्रदर्शन विधायक व परिजनों ने पुलिस पर लगाया बर्बरता का आरोप, दोषी पुलिस पर कार्यवाही और न्याय की मांग पर अड़े परिजन बेटे की रिहाई तक नहीं करेंगे अंतिम संस्कार
बीते माह 15 सितंबर को अर्जुंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर के साथ मारपीट की घटना के बाद दो आरोपी अभी भी जेल में बंद है....
जिसमें से एक आरोपी प्रवीण चंदेल के पिताजी की अचानक मौत से मामले का रुख बदल गया है.... मृतक के परिजन और गुंडरदेही विधायक कुंवर सिंह निषाद अर्जुंदा थाना पहुंचकर पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताते हुए शव को रखकर प्रदर्शन किया....
परिजनों और विधायक ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि 15 तारीख को एक जख्मी युवक को भर्ती करने के लिए अर्जुंदा शासकीय अस्पताल ले गए थे जहां डॉक्टरों के साथ थोड़ी कहां सुनी हुई इसके बाद पुलिस ने रात भर प्रवीण चंदेल और उनके साथियों को थाने में रखकर बेरहमी से पिटाई की....
और सुबह उन्हें छोड़ दिया गया.... जैसे ही प्रवीण चंदेल अपने घर पहुंचा और पुलिस द्वारा पिटाई के जख्म को प्रवीण के पिता ने देखा उसके बाद उसे सदमा बर्दाश्त नहीं हुआ....
और उसे पैरालिसिस अटैक आ गया.... इसके बाद लगातार उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई ब्रेन हेमरेज हुआ और 13 अक्टूबर को उनके पिता ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया....
कुछ दिन बाद मामले में गैर जमानती धारा लगा दी गई और प्रवीण व उसके दोस्त को जेल भेज दिया गया जो अभी भी जेल में बंद है....
परिजनों का कहना है कि प्रवीण के अलावा उनके घर में और कोई बेटा नहीं है जब तक प्रवीण की रिहाई नहीं होगी तब तक उनके पिता का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे...
Jhabua MP News : झाबुआ के मेघनगर औद्योगिक क्षेत्र से 168 करोड़ की MD ड्रग जब्त
परिजनों ने दोषी पूरी कर्मियों पर कड़ी कार्यवाही करने की भी मांग की है..... वही बालोद जिला पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन पुलिस कर्मियों को लाइन अटैच कर दिया है और परिजनों को पुलिस के अफसर ने सात दिवस के भीतर जांच कर कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया.


