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Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या राम मंदिर में 31 मई को होगा भगवान शिव की मूर्ति का प्राण प्रतिष्ठा समारोह, निर्माण कार्य अंतिम चरण में

Dev Verma
Ayodhya Ram Mandir
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Ayodhya Ram Mandir

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़ी एक और ऐतिहासिक घोषणा सामने आई है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने बताया है कि 31 मई 2025 को मंदिर परिसर में भगवान शिव की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगी। इसके साथ ही अन्य मूर्तियों की नियमित पूजा-अर्चना भी आगामी 3 जून से शुरू हो जाएगी।

मिश्र ने बताया कि मंदिर परिसर में सभी आवश्यक मूर्तियों को पहुंचा दिया गया है और अब विधिवत रूप से प्रतिष्ठा की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। मंदिर निर्माण का कार्य तेजी से अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ रहा है।

Ayodhya Ram Mandir: सप्त ऋषियों और पौराणिक पात्रों की मूर्तियां भी होंगी स्थापित

मंदिर में भगवान शिव के साथ-साथ सप्त ऋषियों और पौराणिक पात्रों की मूर्तियां भी स्थापित की जाएंगी। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • महर्षि वाल्मीकि — रामायण के रचयिता

  • ऋषि अगस्त्य — वेदों के ज्ञाता

  • विश्वामित्र — राम के जीवन में मार्गदर्शक

  • गुरु वशिष्ठ — राम के कुलगुरु

  • अहल्या — राम द्वारा उद्धार प्राप्त

  • शबरी — भक्ति की प्रतीक

  • निषादराज — वनवास के समय सहयोगी

Ayodhya Ram Mandir: मंदिर परिसर में तेजी से चल रहा निर्माण

नृपेंद्र मिश्र के अनुसार, मंदिर के सप्त मंदिर का कार्य पूर्ण हो चुका है और पारकोटा (परिक्रमा पथ) का 90% कार्य जून-जुलाई तक पूर्ण हो जाएगा। इसके साथ ही प्रदर्शनी हॉल और ऑडिटोरियम के निर्माण की शुरुआत भी हो चुकी है, जिसे मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

Ayodhya Ram Mandir: श्रद्धालुओं को मिलेगा मंदिर के सभी भागों में प्रवेश

आने वाले दो महीनों में श्रद्धालुओं को मंदिर के सभी हिस्सों में जाने की अनुमति दी जाएगी। राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान की प्रतिमाएं मंदिर की पहली मंजिल पर स्थापित की जाएंगी।

Ayodhya Ram Mandir: नागर शैली में बना भव्य मंदिर

श्रीराम मंदिर का निर्माण पारंपरिक नागर शैली में किया गया है। मंदिर की लंबाई 380 फीट, चौड़ाई 250 फीट और ऊंचाई 161 फीट है। इसमें कुल 392 नक्काशीदार स्तंभ और 44 भव्य द्वार हैं। मंदिर की दीवारों और स्तंभों पर देवी-देवताओं की बारीक मूर्तिकला उकेरी गई है।

गर्भगृह में पहले से ही भगवान श्रीरामलला की बाल स्वरूप में प्रतिमा स्थापित की जा चुकी है, जिसकी प्राण प्रतिष्ठा जनवरी 2024 में हुई थी। तब से अब तक लाखों श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं, जिससे हनुमानगढ़ी और अन्य धार्मिक स्थलों पर भी भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है।


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