Ayodhya : अयोध्या में राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा को एक वर्ष पूरा हो गया है। 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन हुआ था, लेकिन मंदिर ट्रस्ट ने हिंदू कैलेंडर के अनुसार इसकी वर्षगांठ 11 जनवरी से 13 जनवरी 2025 के बीच मनाई। इस अवसर पर राम कथा का आयोजन किया गया, जो 21 जनवरी को समाप्त हुआ। हालांकि, इस बार किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया।
रामलला के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
रामलला के दर्शन के लिए देशभर से श्रद्धालु अयोध्या पहुंच रहे हैं। मंदिर ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दर्शन की अवधि दोपहर और शाम में एक-एक घंटे बढ़ा दी है। दर्शन के दौरान भक्तों की लंबी कतारों के लिए नई व्यवस्था भी लागू की गई है, ताकि सभी को सुगमता से दर्शन का लाभ मिल सके।
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मंदिर निर्माण कार्य में तेजी
मंदिर ट्रस्ट ने राम मंदिर के निर्माण कार्य को अप्रैल 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया है। मुख्य मंदिर और परिसर के निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए हर 15 दिन पर इसकी समीक्षा की जा रही है।
- परकोटा निर्माण:
परकोटा का निर्माण अभी जारी है और इसे पूरा करने में थोड़ा अधिक समय लगेगा। - सांस्कृतिक कार्यक्रम:
पर्व और त्योहारों के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
महाकुंभ तक जारी रहेंगे कार्यक्रम
मंदिर में रामलला के भोग का महाप्रसाद वितरण 11 जनवरी से शुरू हुआ था और यह कार्यक्रम महाकुंभ 2025 तक जारी रहेगा। इसके बाद इसे आगे जारी रखने पर विचार किया जाएगा।
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राम मंदिर: श्रद्धालुओं के लिए नई व्यवस्थाएं
- दर्शन की अवधि:
दर्शन का समय बढ़ा दिया गया है। - सुरक्षा और सुगमता:
कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। - भोग वितरण:
महाप्रसाद का वितरण आमजन के बीच किया जा रहा है।
राम मंदिर: आध्यात्म और संस्कृति का संगम
राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आस्था का केंद्र बन गया है। पहली प्राण प्रतिष्ठा वर्षगांठ के अवसर पर भक्तों की उपस्थिति ने इस बात को और अधिक स्पष्ट कर दिया है। श्रद्धालुओं के लिए मंदिर ट्रस्ट द्वारा की गई व्यवस्थाएं उनकी भक्ति और श्रद्धा को और अधिक सुदृढ़ करती हैं।
जय श्री राम!