5 हज़ार मांगी पेंशन तो सरकार सन्न अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर ही विरोध प्रदर्शन जारी
5 हज़ार मांगी पेंशन तो सरकार सन्न अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर ही विरोध प्रदर्शन जारी
रायपुर।आज अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर प्रदेश की राजधानी रायपुर में दिव्यांग जनों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। दिव्यांगों ने अपनी 6 सूत्रीय मांगों के तहत सरकार से विशेष अधिकारों और सुविधाओं की मांग की है। इसमें प्रमुख मांग 5 हजार रुपये की मासिक पेंशन की है, जिसको लेकर सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
दिव्यांगों की 6 सूत्रीय मांगें दिव्यांग जनों ने अपनी मुख्य मांगों के रूप में राज्य सरकार से कई महत्वपूर्ण बदलावों की अपील की है। उनके द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों में शामिल हैं:
फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे लोगों का भौतिक परीक्षण: दिव्यांगों ने मांग की है कि फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी नौकरियों में काम कर रहे कर्मचारियों का राज्य मेडिकल बोर्ड से भौतिक परीक्षण कराकर उन्हें बर्खास्त किया जाए।
5000 रुपये पेंशन: दिव्यांग जनों ने हर माह 5000 रुपये पेंशन देने की मांग की है। उनका कहना है कि इस राशि से उन्हें जीवनयापन में सहायता मिलेगी और वे अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकेंगे।
बीपीएल की बाध्यता को खत्म किया जाए: दिव्यांगों ने कहा कि बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) की श्रेणी से बाहर होने की वजह से उन्हें कई सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। इसलिए बीपीएल की बाध्यता को खत्म किया जाए।
महतारी वंदन योजना में शामिल किया जाए: 18 वर्ष से ऊपर की अविवाहित दिव्यांग युवतियों और महिलाओं को महतारी वंदन योजना में शामिल किया जाए।
विशेष भर्ती अभियान: दिव्यांगों के लिए राज्य सरकार को विशेष भर्ती अभियान चलाने की आवश्यकता है, ताकि उन्हें सरकारी नौकरियों में अवसर मिल सके।
संबंधित योजना और ऋण माफी: दिव्यांग कर्मियों को पदोन्नति में 4% आरक्षण और बेरोजगार दिव्यांगों को बिना गारंटी के लोन देने की मांग की गई है। इसके अलावा, कोरोना महामारी से पहले दिए गए समस्त ऋणों को माफ करने की अपील की गई है।
सरकार पर बढ़ा दबाव दिव्यांग जनों की इन मांगों के साथ आज रायपुर में प्रदर्शन जारी है। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में दिव्यांग लोग शामिल हुए और अपनी आवाज़ सरकार तक पहुंचाई। हालांकि, खबर लिखे जाने तक सरकार की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन दिव्यांग जनों के इन मुद्दों को लेकर राजनीतिक और सामाजिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
सरकार को अब इन गंभीर मुद्दों पर ध्यान देना होगा और दिव्यांग जनों की उचित मांगों को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने होंगे। इस मुद्दे पर सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि दिव्यांगों के लिए इन सुविधाओं का महत्व बहुत अधिक है