Artemis II
Artemis II: नई दिल्ली: नासा के आर्टेमिस-2 मिशन ने स्पेस में बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। चार अंतरित्र यात्री सक्सेसफुली पृथ्वी की कक्षा से बाहर निकलकर अब चंद्रमा की ओर रवाना हो चुके है। इंसानो के लिए यह पल बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नासा के मुताबिक, ओरियन अंतरिक्ष यान का ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न ने सही तरीके से काम किया। इस प्रोसेस के जरिए मेन इंजन लगभग छह मिनट तक चलाया गया। जिसके वजह से यान पृथ्वी के ग्रेविटी से बाहर निकल कर अपने चंद्रमा वाले रुट के निर्धारित कक्षा में एंटर कर गया। इस समय 2,721 किलोग्राम (6,000 पाउंड) थ्रस्ट पैदा हुआ, जिसने यान अपने सही दिशा में आगे बढ़ पाया।
6 मिनट तक एक्टिव रहा ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न
मिशन मैनेजमेंट टीम ने इस प्रोसेस के लिए सर्वसम्मति से ‘गो’ सिग्नल दिया था। यह बर्न कुल 5 मिनट 49 सेकंड तक ऑन रहा। 1972 के अपोलो 17 के बाद इंसान पहली बार चंद्रमा के चारों ओर यात्रा करने के लिए आधिकारिक रूप से रवाना हुआ।
नासा प्रमुख बोले हमारे लिए निर्णायक पल
नासा के प्रमुख जेरेड इसाकमैन ने एक्स पर पोस्ट करते हुआ लिखा – ट्रांसलूनर इंजेक्शन बर्न सफलतापूर्वक पूरा हो गया है और आर्टेमिस-2 की टीम चंद्रमा की तरफ रवाना हो गया है। उन्होंने ने आगे इस पल को ऐतिहासिक बताते होते कहा कि- अमेरिका एक बार फिर ऐस्ट्रनॉट को चंद्रमा की ओर भजने के लिए एक्टिवेट हो गया है।
ये चार अंतरित्र यात्री लगाएंगे चांद का चक्कर
आर्टेमिस-2 में क्रिस्टीना कोच, विक्टर ग्लोवर, रीड वाइसमैन और कनाडा अंतरिक्ष एजेंसी के जेरेमी हैनसेन सवार हैं। स्पेस में पहले दिन टीम ने रूटीन एक्टिविटी के तहत इंजन बर्न की तैयारी और माइक्रोग्रैविटी में फिटनेस के लिए एक्सरसाइज सेशन पुरे किए। मिशन कंट्रोल ने अपने दिन की शुरुआत ग्रीन लाइट सांग चला कर की। जिससे ऑपरेशनों के लिए माहौल पॉजिटिव हो गया।
Discover more from ASIAN NEWS BHARAT - Voice of People
Subscribe to get the latest posts sent to your email.


