लखनऊ : उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का शुभारंभ किया। इसके साथ ही निगम के पोर्टल और वेबसाइट को लॉन्च करने के अलावा लोगो का भी अनावरण किया गया। नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के 3.5 लाख से अधिक आउटसोर्स कर्मचारियों को समय पर पारिश्रमिक, EPF-ESI, बीमा और अन्य वैधानिक सेवा लाभ उपलब्ध कराने का दावा किया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस व्यवस्था का लाभ केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। उनके परिवारों को मिलाकर करीब 17 से 20 लाख लोगों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा के दायरे में लाने का लक्ष्य है।

1 से 5 तारीख के बीच सीधे खाते में आएगा पारिश्रमिक

नई व्यवस्था के तहत आउटसोर्स कर्मचारियों के भुगतान को लेकर महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों का पारिश्रमिक हर महीने 1 से 5 तारीख के बीच सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा। इससे एजेंसियों के स्तर पर भुगतान में देरी या कटौती जैसी समस्याओं को रोकने में मदद मिलेगी।

आउटसोर्स एजेंसियों को सरकार की तरफ से अलग से सर्विस चार्ज दिया जाएगा। एजेंसियां कर्मचारियों के पारिश्रमिक से इसकी कटौती नहीं कर सकेंगी। साथ ही EPF और ESI का अंशदान भी नियमित रूप से जमा कराने की व्यवस्था की जाएगी।

एक पोर्टल पर मिलेगी नौकरी से जुड़ी पूरी जानकारी

UPCOS पोर्टल के जरिए भर्ती से लेकर पोस्टिंग, उपस्थिति, भुगतान, कटौती, ग्रेच्युटी, बीमा और अन्य सेवा लाभों की डिजिटल निगरानी की जाएगी। कर्मचारी अपने सेवा विवरण और भुगतान से संबंधित जानकारी एक ही प्लेटफॉर्म पर देख सकेंगे।

अगर किसी कर्मचारी को कोई समस्या होती है तो वह पोर्टल के माध्यम से शिकायत भी दर्ज करा सकेगा। सरकार का दावा है कि इससे शिकायतों के समयबद्ध समाधान के साथ पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी।

योग्यता और श्रेणी के आधार पर तय होगा पारिश्रमिक

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कर्मचारियों का पारिश्रमिक उनकी श्रेणी और शैक्षणिक योग्यता के आधार पर सुनिश्चित किया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया भी राज्य सरकार की आरक्षण नीति के अनुरूप योग्यता और मेरिट के आधार पर ऑनलाइन तरीके से करने की बात कही गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले अलग-अलग कर्मचारियों को समान प्रकृति के काम के बावजूद अलग-अलग मानदेय मिलने जैसी शिकायतें सामने आती थीं। नई व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को उनकी मेहनत के अनुरूप पारिश्रमिक और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है।

20 से 40 लाख रुपये तक दुर्घटना बीमा कवर

आउटसोर्स कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा के लिए बीमा सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक निर्धारित श्रेणी के आधार पर दुर्घटना की स्थिति में कर्मचारी के परिवार को 20 लाख से 40 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर मिल सकेगा।

आउटसोर्स सेवा निगम और SBI के बीच हुए समझौते के तहत कर्मचारियों का मानदेय सीधे बैंक खाते में भेजा जाएगा। इसके अलावा अलग-अलग परिस्थितियों में कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता की व्यवस्था भी की गई है।

5 लाख तक स्वास्थ्य बीमा कवर की व्यवस्था

आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। ESI के माध्यम से कर्मचारियों को अस्पतालों में उपचार की सुविधा देने की व्यवस्था होगी। जहां आवश्यक इलाज उपलब्ध नहीं होगा, वहां इसे आयुष्मान भारत से जोड़ने की बात कही गई है।

इस व्यवस्था के जरिए आउटसोर्स कर्मचारी और उनके परिवार को पांच लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा कवर उपलब्ध कराने की योजना है। इसके साथ मातृत्व अवकाश समेत अन्य वैधानिक सेवा लाभ भी सुनिश्चित किए जाएंगे।

मनमाने तरीके से कर्मचारी को नहीं निकाल सकेगी एजेंसी

नई व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा को लेकर भी प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री के मुताबिक कोई एजेंसी अपने स्तर पर कर्मचारी को मनमाने तरीके से नौकरी से नहीं निकाल सकेगी। इसके लिए पहले सरकार को जानकारी देनी होगी और संबंधित मामले की जांच की जाएगी।

अगर एजेंसी की ओर से कर्मचारी के खिलाफ दी गई रिपोर्ट गलत पाई जाती है तो कर्मचारी को उत्पीड़न से बचाने की व्यवस्था की जाएगी। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को अधिक सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है।

3.5 लाख कर्मचारियों के साथ लाखों परिवारों को फायदा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम से सीधे तौर पर 3.5 लाख से अधिक कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। कर्मचारियों के परिवारों को शामिल करने पर इस व्यवस्था के दायरे में करीब 17 से 20 लाख लोग आ सकते हैं।

नई तकनीक आधारित व्यवस्था में सरकारी विभाग, आउटसोर्स एजेंसी और कर्मचारी एक ही प्लेटफॉर्म से जुड़े रहेंगे। इसके जरिए मैनपावर की जरूरत, रिक्त पदों का अनुमान और मानव संसाधन से जुड़ी योजनाओं की निगरानी भी की जा सकेगी।

आउटसोर्स कर्मियों को संगठित और सुरक्षित वर्कफोर्स बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को केवल अस्थायी मानव संसाधन के तौर पर नहीं, बल्कि शासन व्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नगर निकायों, अस्पतालों, सचिवालयों और दूसरे सरकारी संस्थानों में काम करने वाले स्थायी, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों का प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है।

सरकार का दावा है कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के जरिए आउटसोर्स कर्मचारियों को संगठित, कुशल, सुरक्षित और सम्मानजनक वर्कफोर्स के रूप में विकसित किया जाएगा। समय पर भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए कर्मचारियों और एजेंसियों के बीच बिचौलियों की भूमिका कम करने पर भी जोर रहेगा।

अगले 6 महीने में एक लाख सरकारी नौकरियों का दावा

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में रोजगार और सरकारी भर्तियों को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अगले छह महीने में एक लाख युवाओं को सरकारी नौकरी देने का लक्ष्य है। उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बनाए रखने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की बात भी कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को AI, रोबोटिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और 3D प्रिंटिंग जैसी नई तकनीकों से जोड़कर इंडस्ट्री के अनुरूप कुशल वर्कफोर्स तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।

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