लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने राज्य में 15 हजार से अधिक शिक्षक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। आयोग ने मंगलवार को सहायक अध्यापक और प्रवक्ता (PGT) भर्ती से जुड़े दो अलग-अलग विज्ञापन जारी किए हैं।

इस भर्ती के जरिए प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग और बेसिक शिक्षा विभाग में खाली पड़े पदों को भरा जाएगा। आयोग के अनुसार, अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।

12,405 सहायक अध्यापक पदों पर होगी भर्ती

सहायक अध्यापक भर्ती के तहत कुल 12,405 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में 897 पद शामिल हैं। वहीं, बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत शहरी क्षेत्र के सहायक अध्यापक के 11,508 पदों पर भर्ती की जाएगी।

PGT के 2,607 पदों के लिए जारी हुआ विज्ञापन

इसके अलावा प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता संवर्ग (PGT) के 2,607 रिक्त पदों को भरने के लिए भी आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है। आयोग ने दोनों भर्तियों के लिए अलग-अलग आवेदन कार्यक्रम जारी किया है।

दिसंबर में आयोजित होगी भर्ती परीक्षा

सहायक अध्यापक भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। अभ्यर्थी 15 अक्टूबर तक शुल्क जमा कर सकेंगे, जबकि आवेदन में संशोधन की अंतिम तिथि 19 अक्टूबर तय की गई है।

इस भर्ती की परीक्षा 3 और 4 दिसंबर को आयोजित की जाएगी। वहीं, PGT भर्ती के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 18 सितंबर से शुरू होगा। इसमें शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर और आवेदन संशोधन की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर रखी गई है। PGT भर्ती परीक्षा 15 और 16 दिसंबर को आयोजित होगी।

आवेदन के लिए OTR व्यवस्था अनिवार्य

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी अभ्यर्थियों के लिए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) प्रक्रिया अनिवार्य होगी। बिना OTR पूरा किए अभ्यर्थी आवेदन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे। भर्ती से जुड़ी विस्तृत जानकारी, विज्ञापन और दिशा-निर्देश आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

शिक्षामित्रों को वेटेज देने की उठी मांग

इस भर्ती को लेकर उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ ने शिक्षामित्रों को वेटेज देने की मांग उठाई है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि जारी विज्ञापन में शिक्षामित्रों को किसी तरह की वरीयता या अतिरिक्त अंक देने का उल्लेख नहीं है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षामित्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए भर्ती प्रक्रिया में उन्हें लाभ दिया जाए।

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