UP News : लखनऊ में नए आपदा प्रबंधन मुख्यालय का उद्घाटन, सीएम योगी बोले- आपदा से बचाव में हर नागरिक की भूमिका अहम

Update: 2026-07-19 12:39 GMT

UP News : लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (UPSDMA) के नए मुख्यालय भवन का उद्घाटन किया। शहीद पथ स्थित डायल-112 मुख्यालय के निकट बने इस आधुनिक परिसर का निर्माण 200 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक, बेहतर प्रशिक्षण और जनभागीदारी के माध्यम से आपदाओं के दौरान जन-धन की हानि को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

आपदा प्रबंधन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन को केवल सरकारी तंत्र तक सीमित नहीं रखा जा सकता। इसके लिए समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यदि लोगों को पहले से सही जानकारी, प्रशिक्षण और जागरूकता मिले, तो कई बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है। उन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और अन्य संस्थानों में नियमित आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने पर भी जोर दिया।

आधुनिक तकनीक से लैस होगा नया केंद्र

नवनिर्मित मुख्यालय में अत्याधुनिक राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (State Emergency Operation Centre) स्थापित किया गया है, जो सप्ताह के सातों दिन 24 घंटे कार्य करेगा। इसके अलावा भवन में डिजिटल कमांड एवं कंट्रोल सेंटर, समन्वय केंद्र, 200 से अधिक क्षमता वाला सभागार, प्रशिक्षण कक्ष, छात्रावास और पुस्तकालय जैसी आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। सरकार का उद्देश्य राज्य की आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को अधिक प्रभावी और तकनीक आधारित बनाना है।

मानव-वन्यजीव संघर्ष को भी माना गया आपदा

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने मानव-वन्यजीव संघर्ष को भी आपदा की श्रेणी में शामिल किया है। उन्होंने हाल के वन्यजीव हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि जागरूकता और समय पर सावधानी बरतने से ऐसी घटनाओं को कम किया जा सकता है। उन्होंने बिजनौर में तेंदुओं के रेस्क्यू अभियान और मगरमच्छ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

तकनीक से समय पर चेतावनी देने पर जोर

सीएम योगी ने कहा कि आकाशीय बिजली, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में समय रहते चेतावनी जारी करना बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि सरकार पूर्वानुमान प्रणाली को और मजबूत बना रही है ताकि संभावित खतरे की जानकारी पहले ही लोगों तक पहुंच सके और जनहानि को रोका जा सके।

शाकंभरी देवी मंदिर का दिया उदाहरण

मुख्यमंत्री ने सहारनपुर स्थित शाकंभरी देवी मंदिर क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि समय पर जारी अलर्ट के कारण हजारों श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सका। कुछ ही देर बाद अचानक तेज जलप्रवाह आने से बड़ा हादसा हो सकता था, लेकिन पूर्व चेतावनी और प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।

जागरूकता और प्रशिक्षण पर रहेगा विशेष फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार आपदा प्रबंधन को केवल राहत और बचाव तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि लोगों को पहले से प्रशिक्षित और जागरूक बनाना भी प्राथमिकता है। उनका कहना था कि यदि प्रत्येक नागरिक आपदा के समय सही तरीके से प्रतिक्रिया देना सीख जाए, तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Tags:    

Similar News