लखनऊ। रक्षाबंधन से पहले उत्तर प्रदेश की महिलाओं को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने ‘लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर मातृशक्ति मुफ्त बस यात्रा योजना’ की शुरुआत कर दी है। इसके तहत 29 अगस्त 2026 से 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाएं उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों में मुफ्त यात्रा कर सकेंगी। योजना का शुभारंभ लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया, जहां उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से कुछ महिलाओं को स्मार्ट कार्ड वितरित किए और उन्हें मिठाई व साड़ी देकर सम्मानित किया।

रक्षाबंधन पर तीन दिन सभी महिलाओं की मुफ्त यात्रा

इसके साथ ही रक्षाबंधन के अवसर पर तीन दिनों तक सभी महिलाओं को रोडवेज और सिटी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है। यह विशेष व्यवस्था त्योहार के दौरान महिलाओं को अपने मायके या रिश्तेदारों के घर आने-जाने में सुविधा देने के उद्देश्य से की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा की शुरुआत के लिए रक्षाबंधन से बेहतर अवसर नहीं हो सकता। राज्य के सभी 75 जिलों में इस योजना को लेकर कार्यक्रम आयोजित किए गए।

आधार या वोटर कार्ड से मिलेगी मुफ्त यात्रा

‘लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर मातृशक्ति मुफ्त बस यात्रा योजना’ के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को यात्रा के लिए आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए अपनी उम्र प्रमाणित करनी होगी। पात्र महिलाओं से बस यात्रा का कोई किराया नहीं लिया जाएगा। योजना के तहत स्मार्ट कार्ड की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि लाभार्थी महिलाओं के लिए यात्रा प्रक्रिया आसान और व्यवस्थित हो सके।

अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर योजना

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि योजना का नाम लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर रखा गया है। उन्होंने अहिल्याबाई होल्कर को महिला स्वावलंबन और जनकल्याण का प्रेरणास्रोत बताया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में कामकाजी महिलाओं के लिए बनाए जा रहे हॉस्टलों को भी लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम से विकसित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित परिवहन के साथ शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

CM योगी ने गिनाईं महिला सुरक्षा से जुड़ी योजनाएं

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की नीतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार के लिए महिलाओं की सुरक्षा केवल शारीरिक सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, प्रदेश में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 2017 में करीब 10 हजार थी, जो अब बढ़कर लगभग 45 हजार हो गई है। नई भर्ती के बाद इसे करीब 50 हजार तक पहुंचाने का लक्ष्य है। उन्होंने महिला बीट पुलिस व्यवस्था और तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था को भी सरकार की उपलब्धियों के रूप में गिनाया।

पिछली सरकारों पर भी साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में पिछली सरकारों, खासकर समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से पहले प्रदेश में महिलाओं के लिए सुरक्षा और सम्मान का माहौल कमजोर था। उन्होंने सैंड माफिया, लैंड माफिया, भ्रष्टाचार और भर्ती में कथित अनियमितताओं का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौर में महिलाओं और बेटियों के लिए कई बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। योगी ने कहा कि वर्तमान सरकार की योजनाओं में बेटी और महिला को केंद्र में रखकर काम किया जा रहा है। उनका दावा है कि सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं।

महिला सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को मुफ्त परिवहन सुविधा मिलने से उनके लिए शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी अवसरों तक पहुंच आसान होगी। सरकार इसे महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा से जोड़कर देख रही है।

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