UP Crime : 50 लाख की फिरौती के लिए KGMU अधिकारी और साथी का अपहरण, हत्या के बाद घाघरा में फेंके शव, 5 गिरफ्तार
लखनऊ में असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट पवन गर्ग और उनके साथी सचिन का अपहरण कर हत्या का आरोप, पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता समेत 5 आरोपियों को पकड़ा; घाघरा नदी में शवों की तलाश जारी
UP Crime : लखनऊ। KGMU के असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिटेंडेंट पवन कुमार गर्ग और उनके साथी सचिन विश्वकर्मा की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों का अपहरण 50 लाख रुपये की फिरौती वसूलने के इरादे से किया गया था। वारदात के बाद आरोपियों ने दोनों की हत्या कर शवों को घाघरा नदी में फेंक दिया। मामले में मुख्य साजिशकर्ता समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, इटौंजा में मिठाई की दुकान चलाने वाले नितिन मिश्रा उर्फ डब्लू महाराज ने वारदात की साजिश रची थी। पवन गर्ग से उसकी पहले से पहचान थी। बातचीत के दौरान पवन द्वारा जमीन खरीदने के लिए बड़ी मात्रा में नकदी होने की जानकारी मिलने के बाद आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई।
बताया गया कि 27 सितंबर की रात पवन को जमीन दिलाने के बहाने भिठौली क्रॉसिंग पर बुलाया गया। वह अपने दोस्त सचिन के साथ वहां पहुंचा, जिसके बाद दोनों को इटौंजा के एक ढाबे पर ले जाया गया। पुलिस के मुताबिक, वहां शराब पिलाने के बाद दोनों को अन्नामऊ स्थित निर्माणाधीन मकान में ले जाकर रस्सियों से बांध दिया गया और 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई।
पुलिस का कहना है कि 28 सितंबर को पवन ने फिरौती की रकम देने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से दोनों की हत्या कर दी। वारदात के बाद शवों को महिंद्रा थार में रखकर सीतापुर के महमूदाबाद स्थित चलहरी घाट पुल ले जाया गया, जहां उन्हें घाघरा नदी में फेंक दिया गया।
जांच को भटकाने के लिए पवन की कार को सीतापुर मार्ग पर लावारिस छोड़ दिया गया था। दोनों के लापता होने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स की जांच शुरू की। इटौंजा टोल प्लाजा के फुटेज से पुलिस को मामले में अहम सुराग मिले।
2 अक्टूबर को हत्या का मामला दर्ज करने के बाद पुलिस ने भिठौली तिराहे से नितिन मिश्रा, अवनीश मौर्या, प्रकाश सिंह, सूरज सिंह और मोहित सिंह को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल थार कार, सोने के जेवरात और दस्तावेज बरामद किए हैं।
घाघरा नदी में पानी का बहाव तेज होने के कारण SDRF और गोताखोरों की मदद से दोनों शवों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है।