अयोध्या। अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में पूजा व्यवस्था को और व्यवस्थित करने के लिए पुजारियों के लिए नई गाइडलाइन जारी की गई है। मंदिर ट्रस्ट की ओर से जारी इन निर्देशों में पुजारियों के पहनावे, व्यक्तिगत अनुशासन और गर्भगृह की मर्यादा से जुड़े कई नियम शामिल किए गए हैं।

दाढ़ी-मूंछ और शिखा को लेकर तय किया गया नियम

नई गाइडलाइन के अनुसार, पुजारियों को अपने स्वरूप को लेकर विशेष नियमों का पालन करना होगा। पुजारी या तो बाल, दाढ़ी, मूंछ और शिखा निर्धारित स्वरूप में रख सकेंगे या फिर पूरी तरह क्लीन शेव रहना होगा। इसके अलावा मंदिर परिसर में पूजा के दौरान तिलक लगाना अनिवार्य किया गया है। पुजारियों के लिए पीले रंग के वस्त्र पहनने का भी निर्देश दिया गया है।

मंदिर प्रवेश से पहले स्नान जरूरी

गाइडलाइन में स्वच्छता और धार्मिक परंपराओं को ध्यान में रखते हुए विशेष नियम बनाए गए हैं। इसके तहत शौच के बाद पुजारी को स्नान करने के बाद ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति होगी। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में शुद्धिकरण प्रक्रिया का भी प्रावधान रखा गया है। इसके लिए गाय के दूध, घी और दही से शुद्धिकरण करने की व्यवस्था बताई गई है।

गर्भगृह में मोबाइल और बाहरी सामग्री पर रोक

नई व्यवस्था के तहत पुजारी गर्भगृह में मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे। साथ ही सोशल मीडिया पर भी मंदिर की गरिमा और व्यवस्था से जुड़ी किसी भी ऐसी जानकारी को साझा करने से बचने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे मंदिर की प्रतिष्ठा प्रभावित हो। इसके अलावा मंदिर की ओर से उपलब्ध कराए गए भोग और प्रसाद के अलावा किसी अन्य बाहरी सामग्री को गर्भगृह में ले जाने की अनुमति नहीं होगी।

परिचितों को नहीं दे सकेंगे VIP दर्शन सुविधा

नई गाइडलाइन में पुजारियों के लिए VIP दर्शन व्यवस्था को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। अब पुजारी अपने परिचितों या रिश्तेदारों को विशेष सुविधा नहीं दे सकेंगे। किसी को विशेष दर्शन कराना है तो इसके लिए पहले से अनुमति लेना जरूरी होगा।

ट्रस्ट की बैठक में लिया गया फैसला

बताया जा रहा है कि इन नियमों को मंदिर ट्रस्ट की बैठक में मंजूरी दी गई थी। ट्रस्ट की ओर से सभी पुजारियों को नई गाइडलाइन की जानकारी दे दी गई है और उन्होंने इसे लागू करने पर सहमति भी जताई है। नई व्यवस्था का उद्देश्य मंदिर की पूजा पद्धति, अनुशासन और मर्यादा को बनाए रखना बताया जा रहा है।

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