लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में लखनऊ छावनी को मॉडल कैंटोनमेंट के रूप में विकसित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में करीब 101 करोड़ की लागत वाली 12 विकास परियोजनाओं का भूमि-पूजन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य छावनी क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं, स्वच्छता और बुनियादी ढांचे को और बेहतर बनाना है।

मॉडल छावनी के रूप में विकसित होगी लखनऊ कैंटोनमेंट

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ छावनी को आधुनिक सुविधाओं से लैस आदर्श और मॉडल छावनी परिषद के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में दिन-रात जुटे सैनिकों के साथ उनके परिवारों और छावनी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों की सुविधाओं का ध्यान रखना भी सरकार की जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि छावनी परिषदों के विकास कार्यों के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी और जरूरी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।

‘नया लखनऊ’ विकास और विरासत का संगम

सीएम योगी ने अपने संबोधन में लखनऊ के बदलते स्वरूप का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले तक शहर की पहचान जाम, संकरी सड़कों और अव्यवस्थाओं से जोड़कर देखी जाती थी, लेकिन अब लखनऊ ने अपनी ऐतिहासिक विरासत के साथ आधुनिक शहर के रूप में भी नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि शहर में पारंपरिक गलियों के साथ स्मार्ट रोड, सीएम ग्रिड रोड और किसान पथ जैसी आधुनिक सड़क परियोजनाएं विकसित हुई हैं। इससे लखनऊ की कनेक्टिविटी और शहरी आधारभूत ढांचे में बदलाव आया है।

रक्षा क्षेत्र में भी मजबूत हुई लखनऊ की पहचान

मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ अब केवल प्रशासनिक और सांस्कृतिक गतिविधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल से जुड़ी गतिविधियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में रक्षा क्षेत्र और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश में उद्योग, रक्षा उत्पादन और आधुनिक तकनीक से जुड़े निवेश को बढ़ावा मिले, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ें।

कैंटोनमेंट में AI आधारित वेस्ट मैनेजमेंट पर जोर

लखनऊ छावनी में AI आधारित वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम विकसित किए जाने की दिशा में भी काम चल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से स्वच्छता और कचरा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक शहरी सुविधाओं के साथ स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करना भी मॉडल छावनी के लक्ष्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

गोमती नदी की सफाई को लेकर बड़ा दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोमती नदी की सफाई को लेकर भी बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि इस वर्ष के अंत तक गोमती को पूरी तरह स्वच्छ बनाने की दिशा में काम पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि नदी की सफाई के साथ लखनऊ के पर्यावरण और नागरिक जीवन को बेहतर बनाने के लिए भी कई स्तरों पर काम किया जा रहा है।

2017 के बाद तेज विकास का दावा

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे, कानून-व्यवस्था और निवेश के क्षेत्र में लगातार सुधार हुआ है। उनके मुताबिक, लखनऊ स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित हुआ है और उत्तर प्रदेश अब देश की अर्थव्यवस्था के ग्रोथ इंजन के तौर पर अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क, रक्षा उत्पादन, शहरी विकास और स्वच्छता जैसी परियोजनाएं प्रदेश के बदलते आर्थिक और औद्योगिक स्वरूप को दर्शाती हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी के सपनों का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के विकसित और सशक्त भारत के सपने को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश ने विकास और सुरक्षा के क्षेत्र में नई दिशा हासिल की है।

सैनिकों और उनके परिवारों की सुविधाओं पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सैनिक देश की सीमाओं की सुरक्षा में अपना जीवन समर्पित करते हैं। ऐसे में उनके परिवारों और छावनी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर आवास, सड़क, स्वच्छता और अन्य नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

Tags: