कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में साइबर पुलिस ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा किया है। जाजमऊ इलाके में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस को पता चला कि एक कॉल सेंटर की आड़ में करोड़ों रुपये की ऑनलाइन ठगी का कारोबार चलाया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए करीब 5600 करोड़ रुपये के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है। साइबर पुलिस और एसओजी की संयुक्त कार्रवाई में गिरोह से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

इन्वेस्टमेंट के नाम पर लोगों को बनाते थे शिकार

पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर ठग लोगों को निवेश के नाम पर भारी मुनाफे का लालच देते थे। आकर्षक रिटर्न का झांसा देकर पीड़ितों से पैसे जमा कराए जाते थे। इसके बाद ठगी की रकम को फर्जी कंपनियों और बैंक खातों के जरिए इधर-उधर भेजा जाता था। पुलिस के अनुसार, रकम को कई गेमिंग प्लेटफॉर्म और अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर उसकी पहचान छिपाने की कोशिश की जाती थी।

14 बैंकों में खोले गए थे 72 संदिग्ध खाते

कानपुर पुलिस कमिश्नर के अनुसार, जांच में सामने आया कि गिरोह ने कानपुर के 14 अलग-अलग बैंकों में 72 संदिग्ध खाते खोल रखे थे। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम को जमा करने और ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। पुलिस को जांच के दौरान देश के कई राज्यों से जुड़े लिंक मिले हैं। बताया जा रहा है कि गिरोह का नेटवर्क दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान समेत कई राज्यों तक फैला हुआ था।

एनसीआरबी में दर्ज मिलीं 86 शिकायतें

जांच में पुलिस को एनसीआरबी पोर्टल पर इस नेटवर्क से जुड़ी करीब 86 शिकायतें मिली हैं। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस अब ठगी के पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल कानपुर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका कनेक्शन कई राज्यों और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हो सकता है।

65 लाख रुपये नकद और डिजिटल सबूत बरामद

साइबर पुलिस की कार्रवाई में गिरफ्तार आरोपियों के पास से करीब 65 लाख 26 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इसके अलावा पुलिस ने मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, फर्जी जीएसटी और उद्यम प्रमाणपत्र समेत कई अहम दस्तावेज जब्त किए हैं। आरोपियों के मोबाइल से मिली व्हाट्सऐप चैट और कॉल रिकॉर्डिंग के जरिए पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।

दो आरोपी गिरफ्तार, पांच अन्य की तलाश तेज

पुलिस ने इस मामले में शाहजेब वारिस और सलमान नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में आरोपियों ने अपने कुछ अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं। पुलिस अब इतिशाम हुसैन, शाहवेज इलाही, मोहम्मद मुजम्मिल, इखलाख हुसैन और मोहम्मद आरिफ समेत अन्य संदिग्धों की तलाश कर रही है।

साइबर पुलिस खंगाल रही पूरे नेटवर्क की जड़ें

कानपुर साइबर पुलिस ने मामले में आईटी एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों, बैंक खातों और अंतरराज्यीय कनेक्शन की गहराई से जांच की जा रही है।

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