Nothing का बड़ा प्लान, CMF अब बनेगी भारत की अलग टेक कंपनी; CEO कार्ल पेई ने किया ऐलान
टेक कंपनी Nothing ने अपने किफायती ब्रांड CMF को लेकर बड़ा फैसला किया है। कंपनी अब CMF को एक अलग कंपनी के रूप में स्थापित करने की तैयारी कर रही है।
नई दिल्ली। टेक कंपनी Nothing ने अपने किफायती ब्रांड CMF को लेकर बड़ा फैसला किया है। कंपनी अब CMF को एक अलग कंपनी के रूप में स्थापित करने की तैयारी कर रही है। Nothing के को-फाउंडर और CEO कार्ल पेई ने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी है।
भारत में रजिस्टर होगी नई कंपनी
कार्ल पेई के मुताबिक, नई CMF कंपनी का मुख्यालय भारत में होगा और कंपनी का संचालन भी यहीं से किया जाएगा। नई कंपनी में भारतीय शेयरहोल्डर्स की बहुमत हिस्सेदारी होने की बात कही गई है।
उन्होंने बताया कि CMF की अपनी अलग टीम होगी और भारत में ही रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) से जुड़े काम भी किए जाएंगे। हालांकि Nothing का CMF से जुड़ाव पूरी तरह खत्म नहीं होगा। Nothing नई कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखेगा और साझेदार के तौर पर जुड़ा रहेगा।
किफायती इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए शुरू हुआ था CMF
Nothing ने CMF ब्रांड की शुरुआत कम कीमत में बेहतर डिजाइन और टेक्नोलॉजी वाले इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की थी। कंपनी के मुताबिक, CMF को Nothing की इंजीनियरिंग और प्रोडक्ट डेवलपमेंट क्षमताओं के आधार पर तैयार किया गया है। कंपनी का दावा है कि साल 2025 में CMF भारत में तेजी से बढ़ने वाले स्मार्टफोन सब-ब्रांड्स में शामिल रहा।
हर साल 10 करोड़ स्मार्टफोन बनाने का लक्ष्य
कार्ल पेई ने CMF के भविष्य के प्लान को लेकर कहा कि कंपनी लंबे समय में हर साल 10 करोड़ स्मार्टफोन बनाने और बेचने की क्षमता हासिल करना चाहती है। उनके अनुसार, बड़े स्तर पर उत्पादन के बाद CMF सिर्फ एक ब्रांड नहीं रहेगा, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला प्लेटफॉर्म बन सकता है।
भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में देख रही कंपनी
CMF को भारत में अलग कंपनी बनाने के पीछे देश के तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को अहम कारण बताया गया है। कार्ल पेई ने कहा कि भारत अब दुनिया के बड़े स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग हब में शामिल हो चुका है। उन्होंने प्रोडक्ट इंजीनियरिंग और R&D के क्षेत्र में भारत की क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया।
देश में बन रहे हैं ज्यादातर स्मार्टफोन
कार्ल पेई ने कहा कि भारत में बिकने वाले लगभग 99 फीसदी स्मार्टफोन अब देश में ही बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि करीब एक दशक पहले स्थिति काफी अलग थी, लेकिन अब भारत ने स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग में बड़ी प्रगति की है।