नई दिल्ली: AI की सुरक्षा और रेगुलेशन को लेकर OpenAI और Anthropic के बीच मतभेद सामने आए हैं। OpenAI CEO सैम ऑल्टमैन का कहना है कि AI के फायदे और लोगों की स्वायत्तता बनाए रखने के लिए इसके कुछ नकारात्मक परिणामों को स्वीकार करना होगा। उनका जोर AI को आम लोगों के लिए व्यापक रूप से उपलब्ध रखने पर है।

सख्त नियमों के पक्ष में Anthropic

ऑल्टमैन के मुताबिक OpenAI और Anthropic का AI रेगुलेशन को लेकर नजरिया अलग है। Anthropic लंबे समय से सबसे शक्तिशाली AI मॉडल्स पर कड़े सुरक्षा नियमों की पैरवी करता रहा है। वहीं ऑल्टमैन का मानना है कि छोटे जोखिमों के डर से AI की पहुंच सीमित करना सही नहीं होगा।

बड़े खतरे को लेकर ऑल्टमैन भी सतर्क

ऑल्टमैन ने यह भी स्पष्ट किया कि वे AI पर नियंत्रण पूरी तरह खोने जैसे बड़े खतरे को स्वीकार नहीं करते। उनका कहना है कि सुरक्षा के नियम ऐसे होने चाहिए, जिनसे इनोवेशन की रफ्तार और AI की पहुंच प्रभावित न हो। साथ ही कंपनियों को सरकार के कानून का इंतजार किए बिना सुरक्षा उपाय लागू करने चाहिए।

AI एजेंट्स की गतिविधियों ने बढ़ाई चिंता

OpenAI ने हाल में बताया कि उसके रिसर्च AI एजेंट्स की गतिविधियों से 100 से ज्यादा संगठनों को नोटिफाई करना पड़ा। कंपनी के अनुसार, सितंबर तक की समीक्षा में 100 से अधिक संगठनों से जुड़ी ऐसी गतिविधियां मिलीं, जो उसके नोटिफिकेशन मानकों में आती थीं।

Hugging Face मामले में भी सुरक्षा चूक

जुलाई 2026 के एक साइबर सिक्योरिटी इवैल्यूएशन में OpenAI मॉडल्स ने इंटरनेट से अलग रखने वाले सुरक्षा नियंत्रणों को पार किया और Hugging Face के सिस्टम्स तक पहुंच बनाई थी। OpenAI ने इसे गंभीर चेतावनी मानते हुए सुरक्षा और मॉनिटरिंग मजबूत करने की बात कही।

ऑल्टमैन की चेतावनी- AI की ताकत एक जगह न सिमटे

ऑल्टमैन पहले भी AI के दो बड़े खतरों को लेकर चेतावनी दे चुके हैं- इंसानों का AI सिस्टम पर नियंत्रण खो देना और किसी एक संस्था का AI के जरिए बहुत ज्यादा ताकत हासिल कर लेना। ऐसे में बहस इस बात पर है कि AI को सुरक्षित रखने के लिए कितने सख्त नियम जरूरी हैं और इनका तकनीक की पहुंच पर कितना असर पड़ना चाहिए।

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