जयपुर। राजस्थान में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव 2026 का कार्यक्रम घोषित कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक प्रदेश में पंचायत चुनाव चार चरणों में कराए जाएंगे। ग्राम पंचायतों में पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान 25 अक्टूबर, 31 अक्टूबर, 6 नवंबर और 16 नवंबर को होगा। वहीं जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव की प्रक्रिया भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पूरी की जाएगी। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना 20 नवंबर को होगी। चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही संबंधित ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।

14,403 ग्राम पंचायतों में चुने जाएंगे प्रतिनिधि

इस चुनाव के जरिए राजस्थान की 14,403 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच चुने जाएंगे। इसके अलावा 41 जिला परिषदों के 1,403 सदस्य और 457 पंचायत समितियों के 8,245 सदस्य चुने जाएंगे। इन चुनावों के जरिए करीब 1.69 लाख पंचायतीराज जनप्रतिनिधियों का निर्वाचन होना है। सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव मतपत्र के जरिए होंगे, जबकि जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए ईवीएम का इस्तेमाल किया जाएगा।

चार चरणों में होगी पंच-सरपंच की वोटिंग

ग्राम पंचायत स्तर पर पहले चरण का मतदान 25 अक्टूबर को होगा। इसके बाद 31 अक्टूबर को दूसरे चरण, 6 नवंबर को तीसरे चरण और 16 नवंबर को चौथे चरण में वोट डाले जाएंगे। अलग-अलग चरणों में ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव भी चरणबद्ध तरीके से होंगे, जबकि संबंधित पदों की मतगणना निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 20 नवंबर को की जाएगी।

महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण

राजस्थान के पंचायतीराज संस्थानों में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण लागू है। चुनाव के बाद बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों और पंचायत समितियों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व रहेगा। उपलब्ध आरक्षण व्यवस्था के अनुसार करीब 7,200 ग्राम पंचायतों में महिला सरपंच चुनी जाएंगी। 41 जिला प्रमुख पदों में 20 पद और 457 प्रधान पदों में 221 पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

4 करोड़ से ज्यादा मतदाता करेंगे मतदान

राज्य में होने वाले इन पंचायतीराज चुनावों में करीब 4.03 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें पुरुष मतदाताओं की हिस्सेदारी करीब 51.82 फीसदी और महिला मतदाताओं की करीब 48.18 फीसदी बताई गई है। जयपुर में सबसे ज्यादा करीब 18.99 लाख मतदाता हैं, जबकि जैसलमेर में मतदाताओं की संख्या सबसे कम करीब 4.36 लाख है।

चुनाव के साथ आचार संहिता लागू

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से कार्यक्रम घोषित किए जाने के साथ ही संबंधित ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके तहत चुनाव प्रक्रिया के दौरान ऐसी नई सरकारी घोषणाओं और कार्यक्रमों पर रोक रहेगी, जिनसे मतदाताओं को प्रभावित किए जाने की स्थिति बन सकती है। पहले से स्वीकृत और प्रक्रिया में चल रहे कार्य आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार जारी रह सकेंगे। चुनाव अवधि में सरकारी मशीनरी और संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर भी आयोग के नियम लागू होंगे।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए 2.72 लाख पुलिसकर्मी

चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए बड़े स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी की गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 2.72 लाख पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के साथ-साथ चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों की भी तैनाती की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव कार्यक्रम के साथ पूरी प्रक्रिया को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने की तैयारी शुरू कर दी है।

नवंबर में पूरी होगी चुनावी प्रक्रिया

चार चरणों में मतदान के बाद जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना 20 नवंबर को होगी। इसके बाद निर्वाचित सदस्य जिला प्रमुख और प्रधान का चुनाव करेंगे। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार जिला प्रमुख, उप जिला प्रमुख, प्रधान और उप प्रधान के चुनाव क्रमशः 25 से 28 नवंबर के बीच कराए जाएंगे। इस तरह नवंबर के अंत तक राजस्थान की त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं के गठन की प्रक्रिया पूरी होने की तैयारी है।

Tags: