Amitabh Bachchan Dharamshala in Ayodhya: पिता हरिवंश राय बच्चन की याद में अयोध्या में धर्मशाला बनवाएंगे अमिताभ बच्चन, होंगी 20 कमरे और साहित्यिक झलकियां
इस धर्मशाला का मुख्य उद्देश्य अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराना बताया जा रहा है। साथ ही इसके जरिए हरिवंश राय बच्चन की साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास भी किया जाएगा।
अयोध्या। सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने अयोध्या में अपने पिता और प्रसिद्ध कवि हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में एक धर्मशाला बनाने की योजना बनाई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमिताभ बच्चन द्वारा खरीदी गई जमीन पर यह धर्मशाला तैयार की जाएगी, जो उनके पिता की साहित्यिक विरासत को समर्पित होगी।
बताया जा रहा है कि इस प्रोजेक्ट के लिए हरिवंश राय बच्चन मेमोरियल ट्रस्ट ने करीब 15 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी है। प्रस्तावित धर्मशाला अयोध्या में जल्द विकसित होने वाले दशरथ पथ के किनारे बनाई जाएगी।
धर्मशाला में होंगी 20 कमरे और साहित्यिक झलकियां
जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित धर्मशाला में करीब 20 कमरे बनाए जाएंगे, जहां अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधा मिल सकेगी।इसके अलावा धर्मशाला में एक विशेष हॉल भी बनाया जाएगा, जहां हरिवंश राय बच्चन की कविताओं और साहित्य से जुड़ी किताबें रखी जाएंगी। उनके जीवन, रचनाओं और साहित्यिक सफर को दर्शाने वाले पोस्टर भी लगाए जाने की योजना है।
बिल्डिंग प्लान मंजूरी के लिए भेजा गया
धर्मशाला निर्माण के लिए तैयार बिल्डिंग प्लान को अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) के पास मंजूरी के लिए भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, देश की कई प्रमुख हस्तियां अयोध्या के विकास से जुड़े कार्यों में योगदान दे रही हैं। इसी क्रम में अमिताभ बच्चन की ओर से भी इस प्रोजेक्ट के लिए आवेदन किया गया है।
श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाने की पहल
इस धर्मशाला का मुख्य उद्देश्य अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर ठहरने की सुविधा उपलब्ध कराना बताया जा रहा है। साथ ही इसके जरिए हरिवंश राय बच्चन की साहित्यिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास भी किया जाएगा।
रणबीर कपूर ने भी अयोध्या में खरीदा है प्लॉट
अमिताभ बच्चन के अलावा अभिनेता रणबीर कपूर ने भी अयोध्या में निवेश किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रणबीर कपूर ने अयोध्या के द सरयू प्रोजेक्ट में करीब 2,134 वर्ग फुट का प्लॉट खरीदा है।