World Heart Day : इंदौर। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर विशेषज्ञों ने युवाओं में बढ़ते हृदय रोग के खतरे को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. राकेश जैन के अनुसार, अब हार्ट अटैक को केवल बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारी मानना उचित नहीं है। 40 वर्ष से कम उम्र के लोगों में भी इसके मामले सामने आ रहे हैं।

डॉ. जैन ने बताया कि युवाओं में हृदय रोग के जोखिम को समय रहते पहचानने के लिए ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर की नियमित जांच महत्वपूर्ण है। कई बार ये जोखिम कारक बिना स्पष्ट लक्षणों के भी बढ़ सकते हैं और लंबे समय तक हृदय पर असर डाल सकते हैं।

विशेषज्ञ के मुताबिक, 45 वर्ष से कम उम्र के मरीजों में धूम्रपान हृदय रोग के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है। इसके अलावा अस्वस्थ जीवनशैली और अन्य जोखिम कारकों को नजरअंदाज करना भी नुकसानदायक हो सकता है।

विश्व हृदय दिवस पर विशेषज्ञों ने लोगों से अपनी नियमित स्वास्थ्य जांच कराने, जोखिम कारकों की निगरानी रखने और हृदय स्वास्थ्य को लेकर समय रहते सावधानी बरतने की अपील की है।

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