धर्म डेस्क: देशभर में आज करवा चौथ मनाया जा रहा है। जिसे लेकर देशभर की महिलाओं में उत्साह देखने को मिल रहा है। इस दिन महिलाएं अपनी पति की लम्बी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती है और भगवान से अपनी जीवन साथी यानी पति की लम्बी उम्र और अच्छे स्वास्थ की प्राथना करती है।

आइए आपको एक ऐसे प्राचीन मंदिर के बारे में बताते हैं जो साल में सिर्फ एक बार करवा चौथ के दिन खुलता है। उज्जैन के जीवनखेड़ी स्थित चौथ माता मंदिर में करवा चौथ के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। महिलाएं पति की लंबी उम्र, सुखद वैवाहिक जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना लेकर हजारों महिलाएं माता के दर्शन करने पहुंचीं।

आज के दिन चौथ माता का भव्य श्रृंगार किया जाता है, महिलाएं सुबह से ही भरी संख्या में माता के दर्शन करने पहुँचती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंदिर में सिंदूर, सिक्के और नेपाल के रुद्राक्ष को प्रसाद के रूप में प्राप्त करना शुभ माना जाता है।

माता चौथ के साथ विराजमान है कई देवी-देवताओं की प्रतिमाएं

माता के इस अद्भुत मंदिर में माता चौथ, माता पार्वती, रिद्धि-सिद्धि, शुभ-लाभ और माँ संतोषी की प्रतिमाएं हैं। यह मंदिर आस्था और वैवाहिक सुख की कामना का विशेष केंद्र है।

माता को अर्पित की गई 400 फीट लंबी चुनरी

जानकारी के अनुसार आज दोपहर 12 बजे भगवान मनु-शतरूपा की प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम संपन्न हुआ है। वहीं शाम चार बजे दुबई से आई लगभग 400 फीट लंबी चुनरी माता को अर्पित की गई। इसके अलावा शाम 7 बजे क्षिप्रा तट पर विशेष आरती का आयोजन भी रखा गया।

मनोकामना पूरी होने की मान्यता

करवा चौथ पर चौथ माता मंदिर पहुंचीं महिलाओं ने बताया कि, इस मंदिर में वे पिछले कई सालों से दर्शन करने आती हैं। एक महिला ने बताया कि करवा माता अपने भक्तों की मनोकामना जल्द सुनती है। एक ने बताया कि, अपने बेटे के विवाह से जुड़ी मनोकामना पूरी होने का अनुभव साझा किया। लोगों में मान्यता है कि इस मंदिर में पूजा-अर्चना करने से सुख-समृद्धि और वैवाहिक जीवन की मंगलकामनाओं की पूर्ति होती है।

26 साल पहले हुई स्थापना

जीवनखेड़ी स्थित इस मंदिर की स्थापना करीब 26 साल पहले हुई थी। यहां करवा चौथ पर ही कपाट खुलते हैं और विशेष पूजा होती है। साल में एक दिन दर्शन की परंपरा श्रद्धालुओं की आस्था बढ़ाती है।

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