Sagar Liquor Case : सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि करीब 109 मरीजों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मामले में पुलिस ने अब तक 25 से ज्यादा लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें अब शराब के पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हैं। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि जहरीली शराब कहां तैयार हुई, इसमें किस तरह की मिलावट की गई और इसे गांवों तक पहुंचाने में कौन-कौन लोग शामिल थे।

बंडा और विनायका थानों में दर्ज हुई FIR

मामले में बंडा और विनायका थाना क्षेत्रों में कई नामजद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एफआईआर में अवैध शराब की बिक्री, सप्लाई और निर्माण से जुड़े लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। वहीं फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।

10 आरोपी गिरफ्तार, सप्लाई नेटवर्क की जांच जारी

सागर पुलिस ने बताया कि अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पूछताछ में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि शराब की सप्लाई कहां से शुरू हुई और इस पूरे नेटवर्क में कितने लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस लाइसेंसी शराब दुकानों और अवैध शराब कारोबार के बीच संभावित कनेक्शन की भी जांच कर रही है।

सस्ती शराब और नकली ब्रांड को लेकर सामने आए आरोप

मामले में दर्ज शिकायतों में सस्ती शराब और कथित नकली ब्रांड से जुड़े आरोप सामने आए हैं। शिकायत के मुताबिक, कुछ लोगों को कम कीमत में शराब उपलब्ध कराई गई थी, जिसके सेवन के बाद उनकी तबीयत बिगड़ी। इसके बाद कई लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान कुछ लोगों की मौत हो गई। पुलिस अब इन घटनाओं को शराब की सप्लाई चेन से जोड़कर जांच कर रही है।

ग्रामीणों ने लगाए अवैध शराब निर्माण के आरोप

कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि नौराज ग्राम पंचायत के ततरवारा गांव में लंबे समय से अवैध शराब बनाने और सप्लाई किए जाने की चर्चा थी।हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

109 मरीजों का चल रहा इलाज, ICU में 12 भर्ती

प्रशासन के अनुसार, जहरीली शराब से प्रभावित करीब 109 मरीजों का इलाज जारी है। इनमें बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC) में 85 मरीज भर्ती हैं, जबकि 12 मरीज ICU में हैं। इसके अलावा जिला अस्पताल में 17 और बंडा सिविल अस्पताल में 7 मरीजों का उपचार चल रहा है। एक गंभीर मरीज को एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल भेजा गया है। अधिकारियों के मुताबिक, मरीजों को जरूरी दवाएं, जांच और अन्य चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मेथेनॉल मिलावट की जांच में जुटी एजेंसियां

प्रारंभिक जांच में शराब में मेथेनॉल की मिलावट की आशंका सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार, मेथेनॉल जहरीला रसायन होता है, जिसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। फिलहाल पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभाग मामले की गहन जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस हादसे के लिए कौन-कौन लोग जिम्मेदार हैं और जहरीली शराब का पूरा नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा था।

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