इंदौर। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि प्रदेश में ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ की शुरुआत 25 सितंबर 2026 से की जाएगी। इस सेवा का उद्देश्य प्रदेशवासियों को बेहतर, भरोसेमंद और सुविधाजनक बस परिवहन उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘यात्री परिवहन विजन समिट-2026’ के शुभारंभ अवसर पर कहा कि मध्यप्रदेश देश का एक उत्कृष्ट सार्वजनिक परिवहन मॉडल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस सेवा में आधुनिक तकनीक, डिजिटल सिस्टम, सुरक्षा और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को प्राथमिकता दी जाएगी।

2030 तक 75 प्रतिशत गांवों तक बस सेवा पहुंचाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में करीब 5 लाख किलोमीटर का सड़क नेटवर्क है और यहां 15 हजार से अधिक बसों के संचालन की संभावनाएं हैं। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक प्रदेश के 75 प्रतिशत गांवों तक बस सेवा पहुंचाई जाए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में मजबूत सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था समय की जरूरत है। सरकार निजी बस ऑपरेटरों, वाहन निर्माता कंपनियों और उद्योग जगत के साथ मिलकर ऐसा मॉडल तैयार करना चाहती है, जो पूरे देश के लिए उदाहरण बने।

MPYPIL और रैपिडो के बीच हुआ एमओयू

समिट के दौरान सार्वजनिक परिवहन को आसान बनाने के लिए मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MPYPIL) और रैपिडो के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) हुआ।

इस साझेदारी के तहत फर्स्ट और लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत किया जाएगा। शुरुआत में यह सेवा भोपाल और इंदौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू होगी। इसके साथ ही महिलाओं द्वारा संचालित ‘रैपिडो पिंक’ बाइक टैक्सी सेवा को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

स्मार्ट और ग्रीन मोबिलिटी पर रहेगा फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की परिवहन व्यवस्था में इलेक्ट्रिक वाहन, डिजिटल टिकटिंग, रियल टाइम मॉनिटरिंग और स्मार्ट तकनीक की अहम भूमिका होगी। प्रदेश में ई-व्हीकल निर्माण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत यात्रियों की सुरक्षा के लिए बसों में CCTV कैमरे, GPS, पैनिक बटन और रियल टाइम ट्रैकिंग सिस्टम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। EV और CNG बसों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

PPP मॉडल से विकसित होगा नया परिवहन सिस्टम

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए PPP मॉडल, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) और आधुनिक बस अधोसंरचना पर काम किया जाएगा।

प्रदेश के 55 जिलों में रूट सर्वे पूरा किया जा चुका है। इसके आधार पर लगभग 150 सिटी रूट, 450 इंटरसिटी रूट और 436 इंटरस्टेट रूट विकसित करने की योजना है।

‘MP मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज-2026’ की शुरुआत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस अवसर पर ‘MP मोबिलिटी इनोवेशन चैलेंज-2026’ का शुभारंभ भी किया। इस पहल के जरिए AI आधारित मोबिलिटी समाधान, ग्रीन ट्रांसपोर्ट, लास्ट माइल कनेक्टिविटी और यात्री सुविधाओं से जुड़े नए आइडिया को बढ़ावा दिया जाएगा। इस चैलेंज में स्टार्टअप, शोधकर्ता, विद्यार्थी और उद्योग जगत के लोग भाग ले सकेंगे।

लोगो प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान

समिट के दौरान MPYPIL की ‘लेट्स क्रिएट ए लोगो’ प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। बिहार के सासाराम निवासी सुधाकर कुमार को प्रथम पुरस्कार के रूप में 5 लाख रुपये दिए गए। वहीं दिल्ली के चयन वोहरा को द्वितीय पुरस्कार और भोपाल की गौरांगी शर्मा को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

यात्री परिवहन विजन समिट में देश-विदेश के विशेषज्ञ शामिल

दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 में देश-विदेश के परिवहन विशेषज्ञ, ई-बस निर्माता कंपनियां, आईटी कंपनियां, वित्तीय संस्थान और निजी बस ऑपरेटर शामिल हुए। समिट में यात्री सुरक्षा, ग्रीन मोबिलिटी, डिजिटल टिकटिंग, आधुनिक बस टर्मिनल, निवेश और रोजगार के अवसरों पर चर्चा की गई।

मध्यप्रदेश में नई परिवहन क्रांति की तैयारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ‘मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा’ केवल बस सेवा नहीं बल्कि प्रदेश में एक नए परिवहन इकोसिस्टम की शुरुआत है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों को शहरों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और यात्रियों को सुरक्षित एवं आधुनिक यात्रा सुविधा मिलेगी।

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