MP News : पीथमपुर में 850 करोड़ के निवेश से दो आधुनिक औद्योगिक इकाइयों की शुरुआत, CM डॉ. मोहन यादव ने किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर और लिथियम बैटरी जैसे क्षेत्र आने वाले समय की जरूरतों से सीधे जुड़े हैं। इन उद्योगों के विस्तार से प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
पीथमपुर। मध्य प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र पीथमपुर को गुरुवार को बड़ी औद्योगिक सौगात मिली। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पीथमपुर स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क में प्रताप ग्रुप की दो अत्याधुनिक विनिर्माण इकाइयों का शुभारंभ किया। इन दोनों परियोजनाओं में करीब ₹850 करोड़ का निवेश किया गया है। इस मौके पर केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक इकाइयां प्रदेश में निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास की गति को और तेज करेंगी।
ऑप्टिकल फाइबर और बैटरी निर्माण में नई शुरुआत
पीथमपुर में शुरू हुई दोनों इकाइयों में एक ऑप्टिकल फाइबर निर्माण संयंत्र है, जबकि दूसरी इकाई बैटरी स्टोरेज और आधुनिक ऊर्जा तकनीक से जुड़ी है। सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से उच्च तकनीक आधारित विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा और मध्य प्रदेश को भविष्य के उद्योगों के लिए मजबूत आधार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑप्टिकल फाइबर और लिथियम बैटरी जैसे क्षेत्र आने वाले समय की जरूरतों से सीधे जुड़े हैं। इन उद्योगों के विस्तार से प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
युवाओं को रोजगार देना सरकार की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश की बड़ी युवा आबादी राज्य की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। इसलिए निवेश के साथ रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि नई औद्योगिक इकाइयों में युवाओं के प्रशिक्षण और कौशल विकास की व्यवस्था भी की जा रही है, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को आधुनिक उद्योगों में काम करने का अवसर मिले। सरकार का लक्ष्य निवेश को केवल उद्योग स्थापना तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि इसके जरिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ाना है।
उद्योगों को सरकार दे रही हरसंभव मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार निवेशकों को बिजली, पानी, सड़क, लॉजिस्टिक्स और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार काम कर रही है। रोजगार सृजन करने वाली औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रति श्रमिक ₹5 हजार तक की सहायता का प्रावधान भी किया गया है। उन्होंने कहा कि निवेश के अनुकूल नीतियों और बेहतर अधोसंरचना के कारण मध्य प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
पीथमपुर बन रहा आधुनिक उद्योगों का केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने में दूसरी बार पीथमपुर को नई औद्योगिक इकाइयों की सौगात मिलना राज्य में बढ़ते औद्योगिक निवेश का संकेत है। स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क, बेहतर कनेक्टिविटी और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर जैसी सुविधाएं पीथमपुर को देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल करने में मदद कर रही हैं। उन्होंने कहा कि नए उद्योगों के आने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने बताया आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने दोनों परियोजनाओं को मध्य प्रदेश के औद्योगिक विकास के साथ आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि बैटरी स्टोरेज प्लांट देश की बढ़ती स्वच्छ ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा, जबकि ऑप्टिकल फाइबर संयंत्र डिजिटल कनेक्टिविटी और संचार अधोसंरचना को मजबूत करेगा।
उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक विनिर्माण और सप्लाई चेन में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है और मध्य प्रदेश इस बदलाव में महत्वपूर्ण भागीदार बन सकता है।
ऑप्टिकल फाइबर प्लांट से 300 रोजगार के अवसर
प्रताप ग्रुप की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पीथमपुर के प्लॉट नंबर 98 पर कोर्सिस इंडस्ट्रीज ने करीब 8,067 वर्गमीटर क्षेत्र में आधुनिक ऑप्टिकल फाइबर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया है। इसकी वार्षिक उत्पादन क्षमता करीब 5.5 मिलियन फाइबर किलोमीटर बताई गई है। इस इकाई से करीब 300 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।
संयंत्र में बनने वाले ऑप्टिकल फाइबर का इस्तेमाल ब्रॉडबैंड, 5G नेटवर्क, FTTH, डेटा सेंटर, स्मार्ट सिटी, रक्षा और अन्य रणनीतिक संचार परियोजनाओं में किया जा सकेगा।
3 GWh क्षमता वाले बैटरी प्लांट की भी शुरुआत
वहीं वाल्टर्स टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड का संयंत्र करीब 20,505 वर्गमीटर क्षेत्र में स्थापित किया गया है। इसकी उत्पादन क्षमता लगभग 3 GWh बताई गई है और इससे करीब 250 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना है।
इस संयंत्र में Industry 4.0 आधारित ऑटोमेशन और रोबोटिक असेंबली लाइन का इस्तेमाल किया गया है। इसका फोकस रिन्युएबल एनर्जी इंटीग्रेशन, कमर्शियल एवं इंडस्ट्रियल एप्लीकेशंस और भारत के क्लीन एनर्जी ट्रांजिशन की जरूरतों को पूरा करने पर रहेगा।
तकनीक, रोजगार और निवेश को एक साथ बढ़ाने की तैयारी
पीथमपुर में शुरू हुई ये दोनों इकाइयां मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास की बदलती तस्वीर को दर्शाती हैं। ऑप्टिकल फाइबर से डिजिटल कनेक्टिविटी और बैटरी स्टोरेज से स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सरकार का दावा है कि ऐसे निवेशों से प्रदेश में तकनीकी क्षमता, रोजगार और औद्योगिक उत्पादन को एक साथ बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में विधायक नीना वर्मा, निलेश भारती, प्रताप ग्रुप के चेयरमैन देवेंद्र सिंह शेखावत, शक्ति सिंह समेत कई जनप्रतिनिधि और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने नई इकाइयों के शुभारंभ पर उद्योग समूह को बधाई देते हुए कहा कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश नए निवेश और आधुनिक उद्योगों के जरिए विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ेगा।