MP News : धार। मध्य प्रदेश के धार जिले में लोकायुक्त पुलिस ने रिश्वतखोरी के मामले में कार्रवाई करते हुए बिजली विभाग में पदस्थ लाइन परिचालक सौरभ कुमार जैन को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों ट्रैप किया है। इंदौर लोकायुक्त की टीम ने 23 अक्टूबर 2026 को बदनावर ग्रामीण विद्युत वितरण कंपनी परिसर में यह कार्रवाई की। आरोपी पर शिकायतकर्ता के पिता के नाम पर जारी अस्थायी बिजली कनेक्शन को स्थायी करवाने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, ग्राम बालोदा माझी निवासी 38 वर्षीय राजेश दास ने 22 अक्टूबर 2026 को इंदौर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनके पिता के नाम पर अस्थायी बिजली कनेक्शन था। इसे स्थायी कराने के लिए उन्होंने संबंधित आवेदन और दस्तावेज बिजली विभाग में जमा किए थे।

आरोप है कि इस काम के बदले लाइन परिचालक ने करीब तीन महीने पहले 20,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता का दावा है कि वह पहले ही 10,000 रुपये नकद और 5,000 रुपये ऑनलाइन दे चुके थे। शेष रकम में से 4,000 रुपये मांगे जाने पर उन्होंने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की।

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक इंदौर राजेश सहाय के मार्गदर्शन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। पुलिस के मुताबिक, सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई।

23 अक्टूबर को निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में टीम गठित की गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए बदनावर ग्रामीण विद्युत वितरण कंपनी परिसर में शिकायतकर्ता से 4,000 रुपये लेते हुए सौरभ कुमार जैन को ट्रैप किया।

लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम, 2018 की धारा 7 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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