भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी भवन निर्माण परियोजनाओं को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालय में आयोजित भवन विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ने निगम को रेवेन्यू जनरेटिंग बॉडी के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।

आय बढ़ाने के लिए नए विकल्प तलाशेगा निगम

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भवन विकास निगम को केवल निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी आय बढ़ाने के लिए नए और वैकल्पिक राजस्व स्रोत विकसित करने चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे निगम की कार्यक्षमता बढ़ेगी और भविष्य में विकास कार्यों के लिए आर्थिक संसाधन भी मजबूत होंगे।

बड़े प्रोजेक्ट समय सीमा से पहले पूरे करने के निर्देश

बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में चल रहे बड़े निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी महत्वपूर्ण परियोजनाओं को तय समय सीमा के भीतर और बेहतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

मुख्यमंत्री निवास में बन रहे जन-मन सभागार को लेकर विशेष निर्देश दिए गए हैं। करीब 26 करोड़ 57 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस सभागार को जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

उज्जैन मेडिसिटी और मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट पर भी फोकस

बैठक में उज्जैन मेडिसिटी, प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेज, उज्जैन संयुक्त प्रशासनिक भवन, भोपाल में 150 कमरों वाले नए स्टेट गेस्ट हाउस और जबलपुर में 75 कमरों वाले नए सर्किट हाउस जैसे प्रोजेक्ट की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने इन सभी परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

टेंडर प्रक्रिया में भी बदलाव

भवन विकास निगम के कामकाज को तेज करने के लिए एक और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। अब 25 करोड़ रुपये तक की प्राक्कलित अनुबंध राशि वाली निविदाओं की स्वीकृति या निरस्तीकरण का अधिकार निगम के प्रबंध संचालक और अधिकार समिति को दिया गया है।

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