भोपाल। कभी-कभी एक छोटी सी लापरवाही किसी बड़ी मुसीबत की वजह बन जाती है, कुछ ऐसा ही देखने को मिला भोपाल के एक पॉश होटल में। राजधानी के अरेरा हिल्स इलाके में स्थित 'कोर्टयार्ड बाय मैरियट' होटल में रविवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक लिफ्ट अचानक बीच रास्ते में खराब हो गई। इस लिफ्ट में एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी की पत्नी समेत कुल तीन लोग करीब 20 से 25 मिनट तक अंदर फंसे रहे।

यह घटना तब हुई जब महिला होटल में होने वाले एक मेडिकल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने पहुंची थीं। राहत की बात यह रही कि समय रहते प्रशासनिक स्तर पर सूचना पहुंच गई और नगर निगम की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर तीनों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन इस पूरी घटना के बाद होटल मैनेजमेंट के सुरक्षा दावों की पोल जरूर खुल गई है। आइए जानते हैं कि जांच में क्या-क्या चौंकाने वाली बातें सामने आईं।

कैसे हुआ हादसा और क्या थी अंदर की स्थिति

रविवार सुबह जब महिला और अन्य दो लोग होटल की लिफ्ट में सवार हुए, तो वह अचानक बीच में ही रुक गई। लिफ्ट के अंदर फंसने के बाद घबराहट होना लाजिमी है। अंदर मौजूद लोगों ने तुरंत मदद के लिए लिफ्ट में दिए गए आपातकालीन संपर्क नंबरों पर फोन किया, लेकिन वहां से कोई त्वरित रिस्पॉन्स नहीं मिला।

जब अंदर से कोई मदद नहीं मिली, तब महिला ने सूझबूझ दिखाते हुए अपने पति को फोन करके इस घटना की जानकारी दी। पति के जरिए मामला प्रशासनिक गलियारों तक पहुंचा, जिसके बाद हड़कंप मच गया और तुरंत नगर निगम की टीम को रेस्क्यू के लिए होटल भेजा गया। करीब 20 से 25 मिनट चले इस रेस्क्यू के बाद सभी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

जांच में खुली होटल प्रबंधन की पोल

घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम की फायर ब्रिगेड, विद्युत और स्वास्थ्य अमले की टीम ने तुरंत होटल पहुंचकर लिफ्ट और फायर सेफ्टी के इंतजामों की बारीकी से जांच की।

लिफ्ट में नहीं था ARD सिस्टम

जांच के दौरान सबसे बड़ी खामी यह सामने आई कि जिस लिफ्ट में लोग फंसे थे, उसमें 'ऑटोमेटिक रेस्क्यू डिवाइस' यानी ARD सिस्टम लगा ही नहीं था। यह वही उपकरण होता है जो बिजली जाने या तकनीकी खराबी आने पर लिफ्ट को अपने आप नजदीकी फ्लोर तक ले जाकर यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालता है।

नहीं हुआ था समय पर मेंटेनेंस

नगर निगम की पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में पता चला कि इस लिफ्ट का निर्धारित मासिक संधारण (मेंटेनेंस) 31 अगस्त 2026 को ही होना था, लेकिन होटल प्रबंधन ने नियमों को ताक पर रखकर इसे नजरअंदाज कर दिया और मेंटेनेंस नहीं कराया गया था। इसके अलावा, फायर सेफ्टी और इमरजेंसी एग्जिट के कुछ मानकों में भी कमियां पाई गईं।फिलहाल नगर निगम की जांच टीम ने सुरक्षा में लापरवाही मिलने पर होटल की तीन लिफ्टों को अस्थायी रूप से सील कर दिया है।

Tags: