शारजाह। वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2026 के पहले मुकाबले में भारतीय क्रिकेट के पूर्व स्टार युवराज सिंह ने अपने पुराने अंदाज की झलक दिखा दी। इंडिया चैंपियंस और ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस के बीच खेले गए ओपनिंग मैच में युवराज ने 44 साल की उम्र में शानदार बल्लेबाजी करते हुए महज 44 गेंदों पर 71 रन ठोक दिए। उनकी पारी में 5 चौके और 6 छक्के शामिल रहे और उन्होंने 161.36 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की।

टॉप ऑर्डर लड़खड़ाया, फिर युवराज ने संभाला मोर्चा

इंडिया चैंपियंस ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शुरुआत में ही कुछ विकेट गंवा दिए। नमन ओझा, अंबाती रायडू और स्टुअर्ट बिन्नी बड़ी पारी नहीं खेल सके। इसके बाद युवराज सिंह ने क्रीज पर मोर्चा संभाला और आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस के गेंदबाजों पर दबाव बना दिया।

6 छक्कों और 5 चौकों से जमाया रंग

युवराज ने अपनी 71 रन की पारी के दौरान कुल 6 छक्के लगाए। ये छक्के लगातार नहीं आए, लेकिन उनकी पारी में बड़े शॉट्स की भरमार रही। 44 साल की उम्र में इस तरह की विस्फोटक बल्लेबाजी ने शारजाह के मैदान पर मौजूद दर्शकों और क्रिकेट फैंस का ध्यान खींच लिया। युवराज की इस पारी ने एक बार फिर उनकी आक्रामक बल्लेबाजी की यादें ताजा कर दीं।

इंडिया चैंपियंस ने बनाया 196 रन का स्कोर

युवराज सिंह की शानदार पारी के दम पर इंडिया चैंपियंस ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट खोकर 196 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस के सामने जीत के लिए 197 रन का लक्ष्य था। टीम को डार्सी शॉर्ट ने अच्छी शुरुआत देने की कोशिश की, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला।

गेंदबाजों ने भी बरपाया कहर

बल्ले के बाद भारतीय गेंदबाजों ने भी मुकाबले पर पूरी तरह शिकंजा कस दिया। धवल कुलकर्णी और मोहित शर्मा ने मिलकर ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस के 7 विकेट चटकाए। धवल ने 4 ओवर में 44 रन देकर 4 विकेट हासिल किए, जबकि मोहित शर्मा ने 3 ओवर में 32 रन देकर 3 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। पीयूष चावला को 2 और हरभजन सिंह को 1 विकेट मिला।

46 रन से जीती इंडिया चैंपियंस

भारतीय गेंदबाजों के सामने ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस की बल्लेबाजी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। टीम के तीन बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल पाए और पूरी टीम लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी। अंत में इंडिया चैंपियंस ने मुकाबला 46 रन से जीतकर WCL 2026 का शानदार आगाज किया। युवराज सिंह की 71 रन की विस्फोटक पारी इस जीत की सबसे बड़ी वजहों में से एक रही।

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