श्रीलंका टेस्ट टीम में बड़ा बदलाव, धनंजय डी सिल्वा ने छोड़ी कप्तानी; अब कुसल मेंडिस संभालेंगे कमान
श्रीलंका क्रिकेट टीम में टेस्ट कप्तानी को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। धनंजय डी सिल्वा ने टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है।
नई दिल्ली। श्रीलंका क्रिकेट टीम में टेस्ट कप्तानी को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। धनंजय डी सिल्वा ने टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया है। उनकी जगह कुसल मेंडिस को टीम की कमान सौंपने की तैयारी है। हाल ही में भारत के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में श्रीलंका को 0-1 से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से ही धनंजय की कप्तानी पर सवाल उठ रहे थे।
2 साल में कप्तानी का रिकॉर्ड बना बड़ी वजह
धनंजय डी सिल्वा ने 2024 में श्रीलंका की टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली थी। उनकी कप्तानी में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। इस दौरान श्रीलंका ने 7 टेस्ट मुकाबले जीते, जबकि 8 मैचों में उसे हार मिली। उनका कप्तानी जीत प्रतिशत 38.88 रहा। लगातार कमजोर प्रदर्शन के बीच अब श्रीलंका ने टेस्ट टीम में नेतृत्व परिवर्तन का फैसला किया है।
तीनों फॉर्मेट में कुसल के हाथों में कमान
कुसल मेंडिस पहले से ही श्रीलंका की वनडे और टी20 टीम की कप्तानी कर रहे हैं। अब टेस्ट की जिम्मेदारी मिलने के बाद वह तीनों फॉर्मेट में टीम का नेतृत्व करते नजर आएंगे। बल्लेबाजी के लिहाज से भी मेंडिस श्रीलंका के प्रमुख खिलाड़ियों में शामिल हैं और लगातार टीम के लिए रन बनाते रहे हैं।
फिटनेस बनी सबसे बड़ी चुनौती
कुसल मेंडिस को कप्तानी सौंपने के फैसले के बावजूद उनकी फिटनेस एक बड़ी चुनौती रही है। हाल ही में भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज में वह चोट के कारण मैदान पर नहीं उतर सके थे। ऐसे में टेस्ट जैसे लंबे फॉर्मेट में उनकी फिटनेस टीम के लिए अहम होगी।
2021 में लगा था इंटरनेशनल क्रिकेट से बैन
कुसल मेंडिस के करियर में अनुशासन से जुड़ा विवाद भी रहा है। 2021 में इंग्लैंड दौरे के दौरान उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से एक साल के लिए प्रतिबंधित किया गया था। उन पर 1 करोड़ श्रीलंकाई रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। हालांकि बाद में अच्छे आचरण के आधार पर उनका प्रतिबंध हटा दिया गया और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी की।
टेस्ट में 4,800 से ज्यादा रन
31 वर्षीय कुसल मेंडिस श्रीलंका के अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। उन्होंने 75 टेस्ट मैचों में 36 से ज्यादा की औसत से 4,836 रन बनाए हैं। उनके नाम टेस्ट क्रिकेट में 10 शतक और 23 अर्धशतक दर्ज हैं।
वनडे क्रिकेट में भी मेंडिस का रिकॉर्ड मजबूत है। उन्होंने 159 वनडे मैचों में 5,160 रन बनाए हैं। वहीं 109 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनके नाम 2,694 रन हैं। अब उनकी बल्लेबाजी के साथ कप्तानी पर भी श्रीलंकाई टीम की नजर रहेगी।
नई कप्तानी के साथ चुनौती बड़ी
धनंजय डी सिल्वा के बाद कुसल मेंडिस के सामने श्रीलंका की टेस्ट टीम को दोबारा मजबूत करने की चुनौती होगी। टीम को लगातार मिल रही हार से बाहर निकालने के साथ-साथ मेंडिस को अपनी फिटनेस और नेतृत्व क्षमता भी साबित करनी होगी। तीनों फॉर्मेट की कप्तानी मिलने के बाद श्रीलंकाई क्रिकेट में उनकी भूमिका पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है।