मोकी (चीन)। चीन के मोकी ट्रेनिंग बेस पर रविवार को भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दक्षिण कोरिया को 4-1 से हरा दिया। इस जीत के साथ भारत ने जूनियर हॉकी एशिया कप का खिताब छठी बार अपने नाम किया। इससे पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने चीन को उसी के घर में रहा का चैंपियन का खिताब अपने नाम किया।

भारत की इस जीत के साथ एफआईएच जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप का टिकट भी पक्का हो गया। फाइनल में भारत के लिए अजीत यादव, अनमोल एक्का, प्रभदीप सिंह और आशु मौर्य ने गोल किए। दक्षिण कोरिया की ओर से ली मिनह्योक ही एक गोल कर सके।

फाइनल में भारत ने शुरू से बनाया दबाव

भारत ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक हॉकी खेली। टीम को इसका फायदा नौवें मिनट में मिला, जब अजीत यादव ने गोल करके भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई।

इसके चार मिनट बाद यानी 13वें मिनट में अनमोल एक्का ने गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी। पहले क्वार्टर के खत्म होने तक स्कोर भारत के पक्ष में रहा।

दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा कायम रहा। प्रभदीप सिंह ने 21वें मिनट में गोल करके भारत को 3-0 से आगे कर दिया। हाफ टाइम तक कोरिया के पास भारतीय डिफेंस को भेदने का कोई जवाब नहीं था।

चौथे क्वार्टर में भी भारत का दबदबा

दूसरे हाफ में दक्षिण कोरिया ने वापसी की कोशिश की, लेकिन भारतीय टीम ने दबाव बनाए रखा। 50वें मिनट में आशु मौर्य ने भारत के लिए चौथा गोल कर दिया।

इस गोल के बाद भारत की बढ़त 4-0 हो गई और मैच खत्म होने में करीब 10 मिनट बाकी थे। कोरिया ने 54वें मिनट में ली मिनह्योक के गोल से अंतर कम जरूर किया, लेकिन तब तक मुकाबला भारत की पकड़ में आ चुका था। आखिरकार भारतीय टीम ने 4-1 से जीत दर्ज करते हुए खिताब अपने नाम कर लिया।

छठी बार चैंपियन बना भारत

इस जीत के साथ भारत ने जूनियर हॉकी एशिया कप का खिताब छठी बार जीता है। भारतीय टीम ने लगातार चौथी बार यह कॉन्टिनेंटल खिताब अपने नाम किया।

इससे पहले भारत ने 2015, 2023 और 2024 में भी खिताब जीता था। टूर्नामेंट के इतिहास में भारत पहले से ही सबसे सफल टीम थी और अब छठी ट्रॉफी के साथ उसने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

लगातार चौथे खिताब से बना नया रिकॉर्ड

भारत की लगातार चौथी खिताबी जीत खास इसलिए भी है क्योंकि टीम ने लगातार तीन खिताब जीतने के पाकिस्तान के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

पाकिस्तान ने 1988 से 1996 के बीच जूनियर हॉकी एशिया कप में तीन खिताब जीते थे। दक्षिण कोरिया ने 2000 में एक बार और मलेशिया ने 2012 में एक बार यह ट्रॉफी अपने नाम की थी। भारत की मौजूदा टीम ने लगातार चौथी बार चैंपियन बनकर इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया।

अब जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप पर नजर

एशिया कप में खिताबी जीत के साथ भारतीय जूनियर पुरुष हॉकी टीम ने एफआईएच जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप के लिए भी क्वालीफाई कर लिया है। यानी चीन में मिली यह जीत सिर्फ एक ट्रॉफी तक सीमित नहीं रही। भारतीय खिलाड़ियों ने महाद्वीपीय स्तर पर खिताब जीतने के साथ अब विश्व स्तर के बड़े मंच पर पहुंचने का रास्ता भी साफ कर लिया है।

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