लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 शिक्षक और स्नातक निर्वाचन सीटों के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी  को वाराणसी और लखनऊ में बड़ा झटका लगा है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने दोनों क्षेत्रों की स्नातक सीटों पर जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत की है। वाराणसी स्नातक सीट पर सपा के आशुतोष सिन्हा ने बीजेपी के केदारनाथ सिंह को हराया, जबकि लखनऊ स्नातक सीट पर सपा की कांति सिंह ने मौजूदा बीजेपी एमएलसी अवनीश कुमार सिंह को शिकस्त दी।

इन चुनावों में बीजेपी ने कुल 11 में से छह सीटें जीतीं, जबकि सपा को पांच सीटों पर जीत मिली। नतीजे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले दोनों प्रमुख दलों के लिए राजनीतिक रूप से अहम माने जा रहे हैं।

वाराणसी में बीजेपी को बड़ा झटका

वाराणसी स्नातक एमएलसी सीट पर सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और अंततः जीत दर्ज की। उन्होंने बीजेपी के केदारनाथ सिंह को पराजित किया। मतगणना के दौरान सपा प्रत्याशी की बढ़त को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने अनियमितताओं के आरोप लगाए थे। विरोध के चलते कुछ समय के लिए मतगणना भी रोकी गई थी।

वाराणसी में सपा ने शिक्षक और स्नातक, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में अपनी पकड़ बनाए रखी। शिक्षक सीट पर सपा के लाल बिहारी यादव ने भी जीत हासिल की। इस प्रदर्शन से पार्टी को क्षेत्र में राजनीतिक मजबूती मिली है।

लखनऊ स्नातक सीट पर कांति सिंह ने पलटा खेल

लखनऊ स्नातक सीट का परिणाम इन चुनावों के सबसे अहम उलटफेर में शामिल रहा। सपा प्रत्याशी कांति सिंह ने बीजेपी के मौजूदा एमएलसी अवनीश कुमार सिंह को हराकर सीट अपने नाम कर ली।

कांति सिंह को 56,905 वोट मिले, जबकि अवनीश कुमार सिंह को 39,778 वोट प्राप्त हुए। इस तरह कांति सिंह ने 17,127 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

इस नतीजे से बीजेपी को अपनी मौजूदा सीट गंवानी पड़ी। वहीं, सपा ने लखनऊ में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जीत दर्ज कर अपना राजनीतिक आधार मजबूत करने का संकेत दिया।

यूपी एमएलसी चुनाव में बीजेपी और सपा का पूरा हिसाब

उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के चुनाव में बीजेपी ने छह और सपा ने पांच सीटें जीतीं। बीजेपी ने मेरठ स्नातक, मेरठ शिक्षक, बरेली-मुरादाबाद शिक्षक, लखनऊ शिक्षक, आगरा स्नातक और गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीटों पर जीत दर्ज की।

दूसरी ओर, सपा ने वाराणसी शिक्षक, वाराणसी स्नातक, लखनऊ स्नातक, आगरा-अलीगढ़ शिक्षक और इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीटों पर जीत हासिल की।

इन नतीजों में बीजेपी ने अपना कुल सीटों का आंकड़ा छह पर बरकरार रखा, जबकि सपा ने पिछली बार की तुलना में अपनी स्थिति मजबूत की। खास बात यह रही कि लखनऊ स्नातक सीट बीजेपी के हाथ से निकल गई और सपा ने वाराणसी की दोनों सीटों पर अपना कब्जा कायम रखा।

गोरखपुर में बीजेपी ने बचाई सीट

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा। उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव को महज 307 वोटों से हराकर सीट बचाई।

इस करीबी मुकाबले ने चुनावी नतीजों को और दिलचस्प बना दिया। वहीं, आगरा-अलीगढ़ शिक्षक सीट पर सपा के आकाश अग्रवाल ने जीत दर्ज की। इलाहाबाद-झांसी स्नातक सीट पर सपा के मान सिंह यादव ने भी अपना कब्जा बरकरार रखा।

11 एमएलसी सीटों के नतीजे: किसे कहां मिली जीत?

बीजेपी की जीती सीटें

मेरठ स्नातक — दिनेश कुमार गोयल

मेरठ शिक्षक — श्रीचंद शर्मा

बरेली-मुरादाबाद शिक्षक — हरि सिंह ढिल्लों

लखनऊ शिक्षक — उमेश द्विवेदी

आगरा स्नातक — मानवेंद्र प्रताप सिंह

गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक — ध्रुव कुमार त्रिपाठी

सपा की जीती सीटें

वाराणसी स्नातक — आशुतोष सिन्हा

वाराणसी शिक्षक — लाल बिहारी यादव

लखनऊ स्नातक — कांति सिंह

आगरा-अलीगढ़ शिक्षक — आकाश अग्रवाल

इलाहाबाद-झांसी स्नातक — मान सिंह यादव

2027 विधानसभा चुनाव से पहले अहम सियासी संकेत

उत्तर प्रदेश एमएलसी चुनाव के नतीजे आगामी विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी और सपा के लिए राजनीतिक संकेत लेकर आए हैं। बीजेपी ने छह सीटों के साथ बढ़त बरकरार रखी, लेकिन वाराणसी और लखनऊ जैसे अहम क्षेत्रों में मिली हार उसके लिए चुनौती है।

वहीं, पांच सीटों पर जीत से सपा को उत्साह मिला है। हालांकि, विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों के नतीजों को सीधे विधानसभा चुनाव के परिणाम का संकेत मानना उचित नहीं होगा। विधानसभा चुनाव में मतदाताओं का दायरा, मुद्दे और राजनीतिक समीकरण अलग होंगे।

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