TMC Name Symbol Dispute : नई दिल्ली। भारत के चुनाव आयोग ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के दो गुटों को, पार्टी के चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद के बीच, नए नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए हैं।

अरूप रॉय के नेतृत्व वाले गुट को "डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस" नाम और "लिफाफा" चुनाव चिह्न दिया गया है, जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को "ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" नाम और "फुटबॉल खिलाड़ी" चुनाव चिह्न दिया गया है। इन दोनों को पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का दर्जा दिया जाएगा।

बता दें कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर जारी विवाद के बीच चुनाव आयोग ने पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह फ्रीज कर दिया है। चुनाव आयोग की ओर से जारी आदेश के मुताबित, दोनों में से किसी भी गुट को ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के लिए आरक्षित 'फूल और घास' वाले चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने की भी इजाजत नहीं होगी।

चुनाव आयोग ने कहा, दोनों गुट अपने-अपने गुट के लिए जो भी नाम चाहें, उसका इस्तेमाल कर सकते हैं, जिसमें वे चाहें तो अपनी मूल पार्टी 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' का ज़िक्र भी कर सकते हैं। दोनों गुटों को अलग-अलग चुनाव चिह्न दिए जाएंगे, जिन्हें वे मौजूदा उपचुनावों के लिए चुनाव आयोग द्वारा जारी 'फ्री सिंबल' की सूची में से चुन सकते हैं।

दोनों गुटों से मांगा नया नाम और चिन्ह

चुनाव आयोग ने टीएमसी के दोनों गुटों को 18 सितंबर तक नया नाम और चुनाव चिन्ह के​ लिए तीन-तीन विकल्प देने के लिए कहा था। जिसके बाद चुनाव आयोग ने आज दोनों गुटों चुनाव चिन्ह आवंटित किए गए हैं।

अगले महीने पश्चिम बंगाल में होंगे उपचुनाव

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर छह अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के लिए बुधवार को तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों के उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए। दोनों पक्षों के उम्मीदवारों ने तृणमूल कांग्रेस के नाम और 'जोड़ा फूल' चुनाव चिन्ह के साथ अपना पर्चा भरा था। इसे लेकर विवाद खड़ा हो गया था।

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