नई दिल्ली: कलकत्ता हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने शुक्रवार को कांग्रेस के नंदीग्राम उपचुनाव प्रत्याशी मिलन प्रधान को 2007 के आपराधिक मामले में मिली अंतरिम राहत रद्द कर दी। मुख्य न्यायाधीश आरवी घुगे की अध्यक्षता वाली पीठ ने सिंगल बेंच के उस आदेश को पलट दिया, जिसमें पुलिस को 12 अक्टूबर तक प्रधान के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को कहा गया था।

चुनाव लड़ने पर अलग नियम नहीं

अदालत ने कहा कि आपराधिक कानून में आरोपी को इस तरह की अंतरिम सुरक्षा देने का प्रावधान नहीं है। गिरफ्तारी की आशंका होने पर आरोपी अग्रिम जमानत और गिरफ्तारी के बाद नियमित जमानत मांग सकता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि चुनाव लड़ने वाले व्यक्ति के लिए कानून अलग नहीं हो सकता।

7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत

डिवीजन बेंच के आदेश के बाद प्रधान की 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत का आदेश प्रभावी रहेगा। यह मामला 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े आपराधिक मामलों में शामिल है। प्रधान को 18 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था और बाद में अन्य मामलों में भी गिरफ्तार दिखाया गया।

6 अक्टूबर को होना है उपचुनाव

नंदीग्राम में 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। इससे पहले गुरुवार को सिंगल बेंच ने प्रधान को 12 अक्टूबर तक राहत दी थी। राज्य सरकार ने इस आदेश को डिवीजन बेंच में चुनौती दी थी, जिसके बाद शुक्रवार को अंतरिम सुरक्षा रद्द कर दी गई।

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