Rahul Gandhi FIR: हल्द्वानी। उत्तराखंड में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। मंगलवार को कांग्रेस कार्यकरर्ताओं ने FIR वापस लेने की मांग करते हुए उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में पुष्कर सिंह धामी सरकार के खिलाफ विरोध मार्च निकाला और सचिवालय घेरने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।

राहुल गांधी के खिलाफ यह FIR हल्द्वानी में हुए शुद्धिकरण विवाद को लेकर दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, वाल्मीकि समाज के एक व्यक्ति की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। शिकायत में आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम वाली जगह पर हुए धार्मिक कार्यक्रम को जाति से जोड़ दिया।

किन धाराओं में दर्ज हुई FIR

पुलिस ने बताया कि राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की कुछ धाराओं में मामला दर्ज किया है। ये धाराएं अलग-अलग समुदायों के बीच तनाव बढ़ाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से जुड़ी हैं। मामले में SC/ST एक्ट भी लगाया गया है।

हरीश रावत ने FIR पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी FIR पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने वही बात कही है, जो संविधान और देश का कानून कहता है। रावत ने आरोप लगाया कि यह पूरा मामला बीजेपी की राजनीति का हिस्सा है।

वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने भी राहुल गांधी का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि दलितों के साथ भेदभाव करना गलत है और इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ FIR करना निंदनीय है।

Tags: