नई दिल्ली: किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में SCO समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से मुलाकात की। दोनों नेताओं की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव जारी है। करीब दो साल बाद दोनों नेताओं की आमने-सामने मुलाकात हुई है।

पश्चिम एशिया के हालात पर नजर

मोदी और पेजेशकियान की बैठक को रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े घटनाक्रम का असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ा है। भारत और ईरान के बीच पुराने व्यापारिक और रणनीतिक संबंध हैं। जून में दोनों नेताओं के बीच फोन पर भी बातचीत हुई थी।

आर्मेनिया के PM से भी मिले मोदी

इससे पहले पीएम मोदी ने आर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान के साथ द्विपक्षीय बैठक की। दोनों नेताओं ने रक्षा, अर्थव्यवस्था, फार्मा, विज्ञान-तकनीक, संस्कृति और शिक्षा समेत कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। पश्चिम एशिया सहित क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ।

पुतिन से मुलाकात भी प्रस्तावित

SCO समिट के दौरान पीएम मोदी की रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात प्रस्तावित है। इसके अलावा वे किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सादिर जापारोव के निमंत्रण पर छठे वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में शामिल होंगे।

पेजेशकियान बोले- ईरान युद्ध नहीं चाहता

बिश्केक रवाना होने से पहले पेजेशकियान ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन किसी भी हमले का मजबूती से जवाब देगा। उन्होंने क्षेत्रीय अस्थिरता को सभी देशों के लिए नुकसानदायक बताया और शांति, सुरक्षा तथा आर्थिक विकास के लिए क्षेत्रीय सहयोग पर जोर दिया।

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